June 3, 2026

LUCC घोटाले में CBI की बड़ी कार्रवाई, मुंबई से दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार

उत्तराखंड के बहुचर्चित LUCC चिट फंड मामले की जांच में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को बड़ी सफलता मिली है। जांच एजेंसी ने 1 जून 2026 को मुंबई, महाराष्ट्र से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों की गिरफ्तारी व्यापक वित्तीय जांच, बैंक लेनदेन के विश्लेषण, मौखिक साक्ष्यों के संग्रह और विभिन्न राज्यों में की गई फील्ड जांच के आधार पर की गई।

यह कार्रवाई Central Bureau of Investigation द्वारा Loni Urban Multi State Credit and Thrift Co-operative Society से जुड़े करोड़ों रुपये के कथित वित्तीय घोटाले की जांच के तहत की गई है। मामला उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में बड़ी संख्या में निवेशकों से अवैध रूप से जमा राशि एकत्र करने और उसके दुरुपयोग से जुड़ा है।

सीबीआई ने यह मामला 26 नवंबर 2025 को Uttarakhand High Court के 17 सितंबर 2025 के आदेश के अनुपालन में दर्ज किया था। एजेंसी ने उत्तराखंड पुलिस द्वारा दर्ज 18 एफआईआर की जांच अपने हाथ में लेने के बाद भारतीय दंड संहिता, भारतीय न्याय संहिता, उत्तराखंड जमाकर्ताओं के हितों का संरक्षण अधिनियम (UPID Act) और अनियमित जमा योजनाएं प्रतिबंध अधिनियम (BUDS Act) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।

जांच में सामने आया है कि LUCC ने विभिन्न अनियमित जमा योजनाओं के माध्यम से उत्तराखंड के एक लाख से अधिक निवेशकों को आकर्षित किया। इन निवेशकों द्वारा जमा की गई कुल राशि लगभग 800 करोड़ रुपये आंकी गई है। सीबीआई के अनुसार गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी इस पूरे नेटवर्क के प्रमुख संचालकों में शामिल थे और उन्होंने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर जमा धन के संग्रह, प्रबंधन, हेराफेरी और गबन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों से यह भी संकेत मिला है कि आरोपियों ने निवेशकों से जुटाई गई रकम का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया और धन को विभिन्न माध्यमों से दूसरी जगहों पर स्थानांतरित किया। ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद दोनों आरोपियों को देहरादून लाकर BUDS एक्ट की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।

इससे पहले सीबीआई ने 12 और 13 मई 2026 को पांच अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें उत्तराखंड में LUCC के तीन वरिष्ठ सहकारी प्रमोटर भी शामिल थे, जो जनता से जमा राशि एकत्र करने और विभिन्न शाखाओं के संचालन में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। ये सभी आरोपी वर्तमान में देहरादून की सुधोवाला जेल में न्यायिक हिरासत में बंद हैं।

जांच एजेंसी ने अपराध से अर्जित धन से खरीदी गई कई अचल संपत्तियों का भी पता लगाया है। इन संपत्तियों का विवरण उत्तराखंड सरकार के वित्त सचिव, जो BUDS एक्ट के तहत सक्षम प्राधिकारी हैं, को उपलब्ध करा दिया गया है। साथ ही सीबीआई ने इन संपत्तियों को फ्रीज करने और कानून के प्रावधानों के तहत पीड़ित निवेशकों को राहत दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।

सीबीआई का कहना है कि यह गिरफ्तारी जांच में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और इससे करोड़ों रुपये के निवेश घोटाले के पीछे की बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है। एजेंसी ने आश्वासन दिया है कि मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है और जल्द ही इसे तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जाएगा।

फिलहाल मामले की आगे की जांच जारी है।

 

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