सीआईडी की जांच टीम ममता बनर्जी के टीएमसी के कार्यालय में छापेमारी और तलाशी के लिए पहुंची,
West Bengal, 09 Jun 28026,
विधायकों के फर्जी हस्ताक्षर मामले में मंगलवार को क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट सीआईडी की जांच टीम ममता बनर्जी के तृणमूल कांग्रेस टीएमसी के कार्यालय में छापेमारी और तलाशी के लिए पहुंची। हालांकि, पार्टी कार्यालय के गेट पर टीएमसी के पूर्व राज्यसभा सदस्य सुभाषिश चक्रवर्ती ने सीआईडी की टीम को रोक दिया। इस दौरान सीआईडी की टीम के साथ सुभाषिश चक्रवर्ती से लगातार बहस होती रही।
सीआईडी अधिकारियों ने चक्रवर्ती से यह भी कहा कि वे अपना कर्तव्य निभाने आए हैं और वे उसे पूरा करेंगे। एक सीआईडी अधिकारी ने चक्रवर्ती से पूछा, क्या आप हमें अपना कर्तव्य निभाने से रोक रहे हैं? इस पर टीएमसी नेता ने कहा, मैं आपको रोक नहीं रहा हूं। चूंकि मैं स्वेच्छा से इस कार्यालय का कार्यभार संभाल रहा हूं, इसलिए मैंने आपको अपनी स्थिति से अवगत कराया और यह स्पष्ट किया कि मैं आपको अनुमति क्यों नहीं दे सकता? सुभाषिश चक्रवर्ती ने सीआईडी से कहा कि, वे सही प्रोटोकॉल का पालन करें और हमें कुछ समय दें।अभिषेक बनर्जी और ममता बनर्जी इस समय नई दिल्ली में हैं और दोनों ने सोमवार को विपक्षी इंडिया गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक में भाग लिया था।
दरअसल, 9 मई को अभिषेक बनर्जी ने विधानसभा अध्यक्ष को सूचित किया था कि टीएमसी की विधायक दल की बैठक में पार्टी पदाधिकारियों की नियुक्ति का निर्णय लिया गया था। इसके बाद 18 मई को पश्चिम बंगाल विधानसभा के प्रधान सचिव ने अभिषेक बनर्जी को पत्र लिखकर बैठक की कार्यवाही, प्रस्ताव की प्रति और बैठक में मौजूद विधायकों के हस्ताक्षर उपलब्ध कराने को कहा था। 20 मई को अभिषेक बनर्जी ने मीटिंग रेजोल्यूशन बुक की एक प्रति जमा कराई, जिसमें उपस्थिति से जुड़ा रिकॉर्ड भी शामिल था। इसमें दावा किया गया था कि 6 मई की बैठक में 70 विधायक मौजूद थे। 19 मई को किए थे, न कि 6 मई को। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि 6 मई का प्रस्ताव बाद में तैयार किया गया और उसमें कई हस्ताक्षर संदिग्ध हैं। उन्होंने दावा किया कि कम से कम 14 हस्ताक्षर कैपिटल लेटर्स में किए गए हैं, जिससे दस्तावेज की विश्वसनीयता पर सवाल उठता है।
