राम मंदिर चंदा मामले पर कांग्रेस का हमला, ट्रस्ट भंग कर न्यायिक जांच की मांग
राम मंदिर में चंदा चोरी के आरोपों को लेकर कांग्रेस ने भाजपा और आरएसएस पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस का आरोप है कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले में गंभीर अनियमितताओं के बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।
कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि राम मंदिर से जुड़े कथित चोरी प्रकरण को हल्के में नहीं लिया जा सकता। उन्होंने इसे “डकैती” करार देते हुए कहा कि करोड़ों सनातनियों की आस्था के केंद्र में करोड़ों रुपये की चोरी होने के आरोप सामने आते हैं, लेकिन कई इंजनों वाली भाजपा सरकार एक एफआईआर तक दर्ज नहीं कराती।
आलोक शर्मा ने मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी कई मामलों में एसआईटी जांच हुई है, लेकिन उनकी रिपोर्टों का परिणाम जनता के सामने नहीं आया। ऐसे में इस मामले की निष्पक्ष जांच को लेकर संदेह स्वाभाविक है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने मांग की कि सबसे पहले राम मंदिर ट्रस्ट को भंग किया जाए और इसके बाद पूरे प्रकरण की जांच हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के किसी वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए। उनका कहना था कि केवल स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच से ही सच्चाई सामने आ सकती है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को देशभर में उठाएगी और आस्था से जुड़े मामलों में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग करती रहेगी।
पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार से मामले पर स्पष्ट जवाब देने और जांच प्रक्रिया को सार्वजनिक करने की भी मांग की।
आलोक शर्मा, राष्ट्रीय प्रवक्ता कांग्रेस
