महिला पर हमला करने वाला गुलदार पिंजरे में कैद, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
रामनगर वन प्रभाग की कोटा रेंज के ग्राम चोपड़ा में महिला पर हमला करने वाले गुलदार को आखिरकार वन विभाग ने पिंजरे में कैद कर लिया है। गुलदार के पकड़े जाने के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। बीते दिनों हुए हमले के बाद गांव में दहशत का माहौल बना हुआ था और ग्रामीण लगातार वन विभाग से कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
जानकारी के अनुसार ग्राम चोपड़ा निवासी उमा देवी 18 जून को जंगल से सटी सिंचाई गूल से पानी लेने गई थीं। इसी दौरान घात लगाए बैठे गुलदार ने उन पर हमला कर दिया। महिला की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद अन्य महिलाओं ने शोर मचाया, जिसके बाद गुलदार जंगल की ओर भाग गया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भय का माहौल बन गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए रामनगर वन प्रभाग की टीम ने तत्काल विशेष अभियान शुरू किया। वन विभाग ने घटनास्थल के आसपास पिंजरा और कैमरा ट्रैप लगाए तथा गुलदार की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी। पिंजरे में मांस रखकर गुलदार को आकर्षित करने की कोशिश की गई।
कई दिनों की निगरानी और प्रयासों के बाद गुलदार आखिरकार मांस के लालच में पिंजरे के भीतर पहुंच गया और कैद हो गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और गुलदार को सुरक्षित अपने कब्जे में ले लिया।
रामनगर वन प्रभाग के उप प्रभागीय वनाधिकारी Ankit Badola ने बताया कि पकड़े गए गुलदार की उम्र लगभग चार से पांच वर्ष आंकी गई है। प्रारंभिक जांच के बाद उसे Corbett Rescue Centre भेजा जा रहा है, जहां उसकी स्वास्थ्य जांच और आगे की निगरानी की जाएगी।
उन्होंने बताया कि गुलदार के डीएनए सैंपल भी लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। इससे यह पुष्टि की जाएगी कि यही वही गुलदार है जिसने महिला पर हमला किया था। वन विभाग के अनुसार यह गुलदार पहले भी कई बार कैमरा ट्रैप में कैद हो चुका है। विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और जंगल से सटे क्षेत्रों में सावधानी बरतने की अपील की है।
