प्रधानमंत्री को राष्ट्रपति के विशेष सम्मान ‘गार्जियन ऑफ द ब्ल्यू हॉरिजन’ से सम्मानित
Delhi 28 Jun 2026,
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर सशेल्स में हैं। यहां प्रधानमंत्री मोदी को सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने एक विशेष समारोह में विशेष सम्मान ‘गार्जियन ऑफ द ब्ल्यू हॉरिजन’ से सम्मानित किया। प्रधानमंत्री को यह सम्मान उनके हरित नेतृत्व, विकासशील देशों के हितों को आगे बढ़ाने के प्रयासों और नीली अर्थव्यवस्था, जलवायु परिवर्तन, समुद्री संसाधनों के सतत प्रबंधन और लघु द्वीप विकासशील राज्यों की विकासात्मक आकांक्षाओं को बढ़ावा देने के प्रति उनकी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता के लिए प्रदान किया गया है। यह पहली बार है जब यह विशेष सम्मान प्रदान किया गया है।

प्रधानमंत्री ने यह सम्मान पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध प्रतिबद्ध सभी देशों को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में उनकी विशेष मित्रता को और मजबूत करने में सहायक होगा। यह सम्मान प्रधानमंत्री की हरित ग्रह के प्रति दीर्घकालिक प्रतिबद्धता- अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन, मिशन लाइफ (पर्यावरण के लिए जीवनशैली), एक पेड़ मां के नाम, इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस- को स्वीकार करता है। यह सम्मान प्रधानमंत्री को सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए दिए गए कई पुरस्कारों- एफएओ द्वारा दिया गया एग्रीकोला मेडल, सियोल शांति पुरस्कार और संयुक्त राष्ट्र का ‘चैंपियन ऑफ द अर्थ’ में से एक है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को अपनी तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर सेशेल्स की राजधानी विक्टोरिया पहुंचे हैं। द्वीप राष्ट्र के रणनीतिक महत्व को देखते हुए भारत ने रक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए कई उपकरण सौंपे हैं और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर वार्ता हुई है।
सेशेल्स के राष्ट्रपति के साथ प्रधानमंत्री मोदी का संयुक्त प्रेस वतव्य:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त प्रेस वक्तव्य में कहा कि, मुझे “’गार्जियन ऑफ द ब्ल्यू हॉरिजन” से सम्मानित किया जाना मेरे लिए और 140 करोड़ भारतवासियों के लिए अत्यंत हर्ष का विषय है। मैं इस सम्मान को विनम्रतापूर्वक स्वीकार करते हुए, उन सभी देशों को समर्पित करता हूँ, जो क्लाइमेट चेंज की चुनौती से लड़ रहे हैं, और पर्यावरण संरक्षण को भावी पीढ़ियों के प्रति अपना दायित्व मानते हैं। मेरी यात्रा ऐसे ऐतिहासिक अवसर पर हो रही है, जब सेशेल अपनी स्वतंत्रता के पचास वर्ष पूरे कर रहा है, और हम भारत-सेशेल राजनयिक संबंधों की भी पचासवीं वर्षगांठ मना रहे हैं। इन पचास वर्षों की यात्रा में हमने मित्रता को विश्वास में, विश्वास को सहयोग में, और सहयोग को जन-कल्याण में बदला है। हिन्द महासागर ने सदियों से भारत और सेशेल के संबंधों को सींचा है। इसकी लहरों ने हमारे बीच व्यापार, संस्कृति और मानवीय संबंधों को निरंतर पोषित किया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने हिंद महासागर को ‘अवसरों का महासागर’ बनाने का साझा विज़न प्रस्तुत किया। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के 50 वर्ष पूरे होने पर समुद्री सुरक्षा, विकास, डिजिटल परिवर्तन और जलवायु परिवर्तन जैसे अहम मुद्दों पर प्रतिबद्धता दोहराई। प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत ऐसे हिंद महासागर की परिकल्पना करता है जहाँ समुद्री सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि साथ-साथ चलें, जो आपसी सम्मान और विश्वास पर आधारित हो। दोनों देशों ने रक्षा, समुद्री डकैती की रोकथाम, अवैध मत्स्यन और मादक पदार्थों की तस्करी से निपटने के लिए सहयोग को और अधिक मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की। कृषि, एक्ज़िम बैंक बाहरी अंतरिक्ष अन्वेषण और सेशेल्स नेशनल हॉस्पिटल के विकास सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया गया। सेशेल्स में सामाजिक आवास ई-मोबिलिटी, कौशल विकास और स्वास्थ्य परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष आर्थिक पैकेज की प्रगति की समीक्षा की गई।
