स्कूल निर्माण कार्यों में देरी पर सख्त हुए शिक्षा मंत्री, कार्यदायी संस्थाओं को कार्रवाई की चेतावनी
उत्तराखंड के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने समग्र शिक्षा परियोजना के तहत संचालित निर्माण कार्यों में हो रही देरी पर कड़ा रुख अपनाते हुए कार्यदायी संस्थाओं को स्पष्ट चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर निर्माण कार्य पूरे नहीं करने और गुणवत्ता में लापरवाही बरतने वाली संस्थाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी तथा उनसे निर्माण कार्य वापस ले लिए जाएंगे।
विद्यालयी शिक्षा महानिदेशालय के सभागार में आयोजित समग्र शिक्षा समीक्षा बैठक में डॉ. रावत ने वित्तीय वर्ष 2018-19 से 2025-26 तक स्वीकृत निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि जिन निर्माण कार्यों की शुरुआत अब तक नहीं हो सकी है, उन्हें तत्काल शुरू कर तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए।
बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के लिए कुल 1367 निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए थे। इनमें से 625 कार्य अभी भी अधूरे हैं। इस पर नाराजगी जताते हुए शिक्षा मंत्री ने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की और निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करते हुए प्रत्येक सप्ताह प्रगति रिपोर्ट महानिदेशालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
डॉ. रावत ने 120 स्वीकृत निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं होने पर भी असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यदि किसी विद्यालय में भूमि की कमी या अन्य व्यावहारिक समस्याएं हैं तो ऐसे निर्माण कार्यों को आवश्यकता वाले अन्य विद्यालयों में स्थानांतरित कर शीघ्र शुरू किया जाए।
बैठक में नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय छात्रावासों के निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। शिक्षा मंत्री ने चिन्यालीसौड़, बाजपुर, आराकोट, नाभा हाउस ऋषिकेश और हल्दूचैड़ में निर्माणाधीन छात्रावासों को जल्द पूरा कर विभाग को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा पीएम जनमन योजना के तहत ऊधमसिंहनगर के कुल्हा में बन रहे आवासीय छात्रावास के निर्माण कार्य में भी तेजी लाने को कहा।
डॉ. रावत ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत 12 स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, डिजिटल लाइब्रेरी, आईसीटी कक्षाओं और स्मार्ट क्लास परियोजनाओं के निर्माण कार्यों को भी समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है, जिसके लिए सभी परियोजनाओं का समय पर पूरा होना आवश्यक है।