July 30, 2026

उत्तरकाशी में स्वरोजगार योजनाओं की डीएम ने की समीक्षा, पारदर्शी क्रियान्वयन पर जोर

Meeting

उत्तरकाशी। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में पर्यटन विभाग, जिला ग्रामोद्योग तथा जिला उद्योग केंद्र के अंतर्गत संचालित विभिन्न शासकीय योजनाओं की समीक्षा बैठक कर उनकी प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आजीविका के अवसर बढ़ाने तथा विकासपरक योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जाए।

बैठक में क्षेत्रीय पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से संचालित योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। जिला पर्यटन विकास अधिकारी ने बताया कि दीन दयाल उपाध्याय गृह आवास विकास योजना के तहत निर्धारित 28 के लक्ष्य के मुकाबले 26 नए प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। वहीं ट्रैकिंग-ट्रैक्शन सेंटर होम-स्टे योजना में 30 के लक्ष्य के सापेक्ष 32 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा वीरचन्द्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना के अंतर्गत वाहन एवं गैर-वाहन श्रेणी में कुल 16 नए आवेदनों की प्राप्ति हुई है।

औद्योगिक विकास एवं रोजगार सृजन की योजनाओं की समीक्षा के दौरान जिला उद्योग केंद्र के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2.0 के तहत विनिर्माण क्षेत्र के लिए ₹25 लाख तथा सेवा एवं व्यवसाय के लिए ₹10 लाख तक के ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। योजना में ग्रामीण, महिला, दिव्यांग एवं स्थानीय उत्पाद श्रेणी के लाभार्थियों को 5 प्रतिशत अतिरिक्त वित्तीय प्रोत्साहन (बूस्टर) भी दिया जा रहा है।

बैठक में यह भी बताया गया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत जिले में 13 नई व्यावसायिक इकाइयों की स्थापना की गई है। इन इकाइयों में ₹109.08 लाख का कुल निवेश हुआ है, जिस पर ₹36.53 लाख का अनुदान प्रदान किया गया। इन परियोजनाओं के माध्यम से 78 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है।

जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों का गहन सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से दीन दयाल उपाध्याय गृह आवास विकास योजना के तहत पंजीकृत होमस्टे का भौतिक सत्यापन कराने, गृहस्वामी अथवा उसके परिवार के वास्तविक निवास तथा पार्किंग व्यवस्था की उपलब्धता की जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि होमस्टे योजना के अंतर्गत पारंपरिक वास्तुकला और स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देने वाले प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति दी जाए। साथ ही जिला पर्यटन विकास अधिकारी को मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप बौखनाग टिब्बा को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए।

बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी विभागों को जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन पूर्ण पारदर्शिता, समयबद्धता और जवाबदेही के साथ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजनाओं के आवेदनों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

Share
Copyright2017©Spot Witness Times. Designed by MTC, 9084358715. All rights reserved. | Newsphere by AF themes.