विपक्ष के भारी हंगामे और विरोध प्रदर्शन के चलते दोनों सदन बार-बार स्थगित:एफसीआरए संशोधन बिल लोकसभा में पारित: जेपीसी को भेजा गया,
Delhi, 12 August 2026,12 अगस्त 2026 को संसद के मानसून सत्र के 18वें दिन, भारी हंगामे और विरोध प्रदर्शन के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित रही और बार-बार स्थगन के बाद अंततः कार्यवाही को दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।एफसीआरए बिल लोकसभा में पारित हुआ। तत्पश्चात बिल को जेपीसी के पास भेजा गया।
आज सवेरे सदन की कार्यवाही शुरू होने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल शुरू करने की कोशिश की, लेकिन विपक्षी सदस्यों ने नीट मुद्दे पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई और अयोध्या राम मंदिर को मिले चंदे में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्षी सदस्यों से सदन की कार्यवाही चलाने देने की अपील की। उन्होंने कहा कि नीतियों और विचारों को लेकर मतभेद हो सकते हैं, लेकिन देश की जनता संसद को सुचारू रूप से चलते देखना चाहती है।अध्यक्ष ने कहा कि सरकार विपक्ष की मांग पर सहमत हो गई है और गृह मंत्री अमित शाह बयान देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने सत्ता पक्ष और विपक्ष से सहमति बनाने तथा संवाद के जरिए आगे बढ़ने की अपील की।
पूर्व दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ कैश बरामदगी मामले की जांच समिति की रिपोर्ट संसद के दोनों सदनों में पेश की गई। लोकसभा में विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) संशोधन बिल को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पास भेजने पर विचार और चर्चा का दौर चला। अन्ततः एफसीआरए बिल को जेपीसी के पास भेजने का प्रस्ताव रखा और यह पारित भी हो गया है। इस बीच संसद में विपक्ष के लगातार हंगामे और कार्यवाही बाधित करने का सिलसिला भी जारी रहा।
विभिन्न मुद्दों को लेकर विपक्षी सांसदों के लगातार हंगामे और विरोध के चलते कार्यवाही पहले दोपहर 2 बजे तक और बाद में आगे के लिए स्थगित कर दी गई। संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि यदि कांग्रेस चर्चा के लिए तैयार हो तो सत्र की अवधि बढ़ाई जा सकती है।
वहीं आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने विपक्ष को सशर्त प्रस्ताव दिया कि यदि विपक्ष लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को लिखकर देते हैं, तो सदन में चर्चा शुरू की जा सकती है। अमित शाह के इस प्रस्ताव पर पलटवार करते हुए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि देश की युवा पीढ़ी गृह मंत्री अमित शाह का भाषण नहीं सुनना चाहते है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर छात्रों को गोली मारने का आदेश किसने दिया था? किसने छात्रों पर कील लगी लाठियों से हमला करने के निर्देश दिए?
राज्यसभा की कार्यवाही आज बुधवार को दोपहर के भोजन से पहले के सत्र में केवल लगभग 21 मिनट तक ही चली, जिसके बाद सीपीआई (एम) सदस्य जॉन ब्रिटास के इस आरोप पर हुए हंगामे के बीच इसे स्थगित कर दिया गया कि भाजपा सांसद सुष्मिता देव ने इस सप्ताह की शुरुआत में कार्यवाही के दौरान उन्हें ‘लुंगीवाला’ कहकर संबोधित किया था।
