रानीपोखरी लॉ यूनिवर्सिटी पर फिर सियासी घमासान, कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना
रानीपोखरी नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी का मुद्दा एक बार फिर उत्तराखंड की सियासत में गरमा गया है। पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के बयान के बाद कांग्रेस ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर सीधे सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2019 में तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा शिलान्यास और भूमि पूजन किए जाने के बावजूद परियोजना आज तक आगे नहीं बढ़ सकी है।
कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता प्रतिमा सिंह ने दावा किया कि नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के लिए आज भी 52 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि खाते में मौजूद है, लेकिन इसके बावजूद विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ पाया। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत इस मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को दो से अधिक पत्र भी लिख चुके हैं।
प्रतिमा सिंह ने सवाल उठाया कि आखिर पूर्व मुख्यमंत्री के कार्यकाल में लिए गए फैसले की मौजूदा सरकार में कितनी अहमियत है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्या सिर्फ इसलिए इस महत्वाकांक्षी परियोजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया क्योंकि इसकी नींव त्रिवेंद्र सिंह रावत के मुख्यमंत्री रहते रखी गई थी।
कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि रानीपोखरी की जमीन को लेकर पार्टी पहले भी सरकार पर गंभीर सवाल उठाती रही है। अब पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के बयान के बाद कांग्रेस ने इस पूरे मामले को भाजपा की अंदरूनी सियासत से जोड़ते हुए धामी सरकार पर निशाना साधा है।
कांग्रेस का कहना है कि एक ओर परियोजना के लिए 52 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि उपलब्ध होने का दावा किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर जमीन और निर्माण को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। ऐसे में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी का भविष्य एक बार फिर राजनीतिक विवाद के बीच फंसता नजर आ रहा है।
प्रतिमा सिंह,प्रदेश प्रवक्ता,कांग्रेस
