केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में कृषि भवन में मंत्रालय की पहली समग्र मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृषि मंत्रालय के विभिन्न विभागों, प्रभागों और राष्ट्रीय मिशनों की प्रगति की समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य केवल कृषि उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों की आय और आर्थिक अवसरों में वृद्धि करना तथा आयात पर निर्भरता कम करना है।
बैठक में निर्णय लिया गया कि मंत्रालय के सभी विभागों और राष्ट्रीय मिशनों के कामकाज की अब हर महीने नियमित समीक्षा होगी। अधिकारियों के मासिक वित्तीय और भौतिक लक्ष्य भी तय किए जाएंगे। बैठक में केंद्रीय कृषि सचिव अतीश चंद्रा समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
22 अक्टूबर से शुरू होगा ‘खेत बचाओ अभियान’
बैठक में केंद्रीय मंत्री ने मिट्टी की घटती सेहत, पराली एवं फसल अवशेष प्रबंधन और रासायनिक खादों के असंतुलित इस्तेमाल से खेतों को बचाने के लिए 22 अक्टूबर से देशव्यापी ‘खेत बचाओ अभियान’ शुरू करने की जानकारी दी। इसके तहत कृषि वैज्ञानिक और मैदानी अमला सीधे किसानों के खेतों तक पहुंचेगा और मिट्टी की जांच, जैविक तत्वों के संरक्षण, पराली न जलाने तथा संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन के बारे में जागरूक करेगा।
10.77 करोड़ से अधिक किसानों की बनी फार्मर आईडी
डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन की समीक्षा के दौरान बताया गया कि 14 करोड़ किसानों के डिजिटल एकीकरण के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 10.77 करोड़ से अधिक फार्मर आईडी बनाई जा चुकी हैं। डिजिटल पहचान के माध्यम से किसानों को योजनाओं की सब्सिडी, संस्थागत ऋण, एमएसपी खरीद, फसल बीमा और आपदा राहत जैसी सुविधाएं सीधे उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है। वहीं चालू खरीफ सीजन में 26.73 करोड़ से अधिक खेतों का डिजिटल क्रॉप सर्वे पूरा हो चुका है।
दलहन-तिलहन उत्पादन में राष्ट्रीय लक्ष्य पार
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2025-26 में दलहन उत्पादन 266 लाख टन के लक्ष्य के मुकाबले 274.09 लाख टन रहा। दलहन की बुआई का क्षेत्र भी 283 लाख हेक्टेयर के लक्ष्य से बढ़कर 286.46 लाख हेक्टेयर पहुंच गया।
इसी तरह खाद्य तेल-तिलहन मिशन के तहत 427 लाख टन के लक्ष्य के मुकाबले 430.59 लाख टन तिलहन उत्पादन हुआ। घरेलू खाद्य तेल उत्पादन भी 2023-24 के 121.75 लाख टन से बढ़कर 2025-26 में 129.96 लाख टन हो गया।
प्राकृतिक खेती और FPO को बढ़ावा
राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत 2025-26 में 18.75 लाख के लक्ष्य के मुकाबले 20.93 लाख किसानों ने प्राकृतिक खेती अपनाई। इसके तहत 10.32 लाख हेक्टेयर क्षेत्र कवर किया गया। अब तक देश में कुल 27.32 लाख किसान और 12.85 लाख हेक्टेयर क्षेत्र प्राकृतिक खेती से जुड़ चुका है।
वहीं 10,000 FPO योजना के तहत लक्ष्य से कहीं अधिक किसानों को जोड़ा गया है। इससे छोटे किसानों की सामूहिक बाजार पहुंच मजबूत होने के साथ FPO का औसत सालाना टर्नओवर भी बढ़ा है।
फसल बीमा में 23 फीसदी की बढ़ोतरी
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत चालू खरीफ सीजन में किसानों का नामांकन पिछले खरीफ के 2.30 करोड़ से बढ़कर 2.83 करोड़ हो गया है। इसमें करीब 23 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। बीमित रकबा 2.97 करोड़ हेक्टेयर और बीमित राशि 1.86 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों के क्लेम का पारदर्शी और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
पिछड़े जिलों पर रहेगी विशेष नजर
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत जिला रैंकिंग की भी समीक्षा की गई। देश का औसत स्कोर अप्रैल के 18.85 से बढ़कर अगस्त में 46.89 हो गया है। केंद्रीय मंत्री ने लगातार पिछड़ रहे जिलों में प्रशासनिक सुस्ती को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को सुधार के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर संबंधित राज्यों के कृषि मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों से सीधे संवाद कर योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को दूर किया जाएगा, ताकि किसानों को योजनाओं का समान लाभ मिल सके।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को फील्ड विजिट बढ़ाने और कागजी रिपोर्टों के बजाय योजनाओं के वास्तविक प्रभाव का जमीनी स्तर पर आकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कृषि योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर खड़े छोटे और सीमांत किसानों तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए।