उत्तरकाशी के 40 किसान सीखेंगे आधुनिक खेती के गुर, कृषि विज्ञान केंद्र रवाना
उत्तरकाशी। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देशों के क्रम में परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत जनपद के किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों, नवाचारों और उन्नत कृषि पद्धतियों की जानकारी देने के लिए मंगलवार को 40 किसानों का दल कृषि विज्ञान केंद्र, चिन्यालीसौड़ के लिए रवाना हुआ। विकास भवन परिसर से मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह ने हरी झंडी दिखाकर किसानों के दल को रवाना किया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में कृषि क्षेत्र में वैज्ञानिक तकनीकों और नवाचारों को अपनाना किसानों की उत्पादकता और आय बढ़ाने के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि परंपरागत कृषि हमारी समृद्ध विरासत के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। आधुनिक तकनीकों के साथ इसका बेहतर समन्वय कर खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है।
उन्होंने विशेष रूप से महिला किसानों को कृषि क्षेत्र में उपलब्ध विभिन्न संभावनाओं और विभागीय योजनाओं की जानकारी दी तथा वैज्ञानिक विधियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह
इन विषयों पर मिलेगा प्रशिक्षण
कृषि विज्ञान केंद्र चिन्यालीसौड़ में किसानों को उन्नत कृषि तकनीक, मृदा स्वास्थ्य, फसल विविधीकरण, उन्नत बीजों का चयन, जैविक एवं प्राकृतिक कृषि, कीट एवं रोग प्रबंधन, जल संरक्षण, कृषि यंत्रीकरण और कृषि आधारित नवाचारों सहित विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण एवं जानकारी दी जाएगी।
किसानों को वैज्ञानिक विधियों से खेती करने की व्यावहारिक जानकारी भी प्रदान की जाएगी, जिससे उत्पादन लागत को कम करने के साथ कृषि उत्पादकता और किसानों की आय में वृद्धि की जा सके।
परंपरागत ज्ञान और आधुनिक तकनीक के समन्वय पर जोर
इस पहल का उद्देश्य जनपद में परंपरागत कृषि ज्ञान और आधुनिक तकनीकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर किसानों को अधिक सक्षम बनाना है। इसके साथ ही कृषि को अधिक लाभकारी और टिकाऊ व्यवसाय के रूप में विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
महिला किसानों की कृषि क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए उन्हें नवीन कृषि तकनीकों, विभागीय योजनाओं और कृषि आधारित आजीविका के अवसरों से जोड़ने को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
