अवैध मदरसों पर कार्रवाई के बीच यूकेडी का हमला, भाजपा-कांग्रेस को बताया एक जैसी पार्टी
उत्तराखंड में मान्यता के बिना संचालित मदरसों के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई तेज हो गई है। अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की ओर से नियमों का पालन नहीं करने वाले मदरसों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। प्रदेश में अब तक 20 से अधिक मदरसों को सील किए जाने की बात सामने आई है।
हरिद्वार में सबसे अधिक मदरसों पर कार्रवाई हुई है। जिले में कुल 269 मदरसों में से 102 के बंद होने की जानकारी है, जबकि 76 मदरसों ने मान्यता के लिए आवेदन किया है। 45 मदरसे शिक्षा विभाग में पंजीकृत हैं और 46 मदरसों का निरीक्षण अभी बाकी है। वहीं ऊधमसिंह नगर में 119 मदरसों में से पांच को बंद किया गया है। नैनीताल में संचालित 18 मदरसों में से 12 ने मान्यता के लिए आवेदन किया है। पिथौरागढ़ में एक और चंपावत में दो मदरसे संचालित होने की जानकारी है। प्रदेश में अब तक 35 मदरसों को अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता मिल चुकी है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। इसके साथ ही वक्फ और सरकारी जमीनों पर कथित अवैध कब्जों के चिन्हीकरण का अभियान भी शुरू किया गया है। प्रशासन स्तर पर कब्जों की जानकारी जुटाई जा रही है और चिन्हीकरण के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
सत्ता पक्ष इस अभियान को सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराने की दिशा में जरूरी कदम बता रहा है। वहीं विपक्ष कार्रवाई के तरीके और इसके सामाजिक प्रभाव को लेकर सवाल उठा रहा है।
इसी बीच उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने मुख्यमंत्री के अवैध मदरसों को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया दी है। यूकेडी के केंद्रीय प्रवक्ता शांति प्रसाद भट्ट ने भाजपा और कांग्रेस दोनों पर निशाना साधते हुए कहा कि दोनों पार्टियां एक जैसी हैं। उन्होंने कहा कि मदरसों और सरकारी जमीनों से जुड़े मामलों में सरकार को नियमों के तहत पारदर्शी कार्रवाई करनी चाहिए।
शांति प्रसाद भट्ट, केंद्रीय प्रवक्ता यूकेडी
