चारधाम यात्रा ने तोड़े रिकॉर्ड, 50 लाख पार पहुंची श्रद्धालुओं की संख्या
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में बेहतर यात्रा प्रबंधन और व्यवस्थाओं का असर चारधाम यात्रा में साफ दिखाई दे रहा है। इस यात्रा सीजन में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। यमुनोत्री के बाद अब गंगोत्री धाम में भी श्रद्धालुओं की संख्या ने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। गंगोत्री धाम के यात्रा इतिहास में पहली बार 7.84 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।
यात्राकाल के 147 दिनों यानी 12 सितंबर तक चारधाम में कुल 50 लाख 28 हजार 497 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। पिछले वर्ष इसी अवधि में 45 लाख 09 हजार 324 श्रद्धालु चारधाम पहुंचे थे। इस तरह पिछले साल की तुलना में इस बार अब तक 5 लाख 19 हजार 173 अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। यात्रा के लिए अभी करीब दो महीने का समय शेष है, ऐसे में श्रद्धालुओं की संख्या में और बढ़ोतरी होने का अनुमान है।
गंगोत्री में पहली बार 7.84 लाख श्रद्धालु
गंगोत्री धाम ने इस यात्रा सीजन में नया इतिहास रच दिया है। यहां अब तक 7 लाख 84 हजार 321 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। इससे पहले वर्ष 2022, 2023 और 2025 में ही श्रद्धालुओं की संख्या सात लाख के पार पहुंची थी। वर्ष 2022 में 7 लाख 81 हजार 961, वर्ष 2025 में 7 लाख 58 हजार 249 और वर्ष 2023 में 7 लाख 12 हजार 749 श्रद्धालु गंगोत्री धाम पहुंचे थे।
वहीं, यमुनोत्री धाम में भी श्रद्धालुओं की संख्या सात लाख का आंकड़ा पार कर चुकी है। इस वर्ष अब तक 7 लाख 03 हजार 302 श्रद्धालु मां यमुना के दर्शन कर चुके हैं। वर्ष 2025 में यमुनोत्री में सर्वाधिक 6 लाख 44 हजार 637 श्रद्धालु पहुंचे थे।
बदरीनाथ में भी रिकॉर्ड की ओर यात्रा
भगवान बदरीविशाल की नगरी बद्रीनाथ में भी यात्रा नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ रही है। 23 अप्रैल से शुरू हुई बद्रीनाथ यात्रा ने 12 सितंबर तक 143 दिन पूरे कर लिए हैं। इस अवधि में 17 लाख 28 हजार 578 श्रद्धालु भगवान बदरीनाथ के दर्शन कर चुके हैं। पिछले वर्ष इसी अवधि में 13 लाख 82 हजार 845 श्रद्धालु पहुंचे थे। इस लिहाज से इस वर्ष अब तक 3 लाख 45 हजार 733 अधिक श्रद्धालु बद्रीनाथ धाम पहुंच चुके हैं।
हेमकुंट साहिब में भी बढ़ा उत्साह
श्री हेमकुंट साहिब की यात्रा को लेकर भी श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। इस वर्ष यहां श्रद्धालुओं की संख्या 3 लाख 19 हजार 135 तक पहुंच चुकी है। बीते कई वर्षों की तुलना में यह आंकड़ा भी काफी अधिक है।
सुरक्षा पर सरकार का विशेष फोकस
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशानिर्देशन में चारधाम यात्रा को सतर्कता और लगातार निगरानी के साथ संचालित किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यात्रा मार्गों और धामों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी जिलों में आपदा प्रबंधन विभाग को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है।
सरकार का प्रयास है कि यात्रा में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या के बीच सुरक्षा, सुविधा और सुगमता का बेहतर समन्वय बना रहे और चारधाम यात्रा को सुरक्षित एवं व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा सके।
