September 25, 2026

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने देशद्रोह किया है। वो अभी इस्तीफ़ा दें और सरकारी गवाह बन जाएं: राहुल गांधी,

Delhi 24 September 2026,

Rahul Gandhi Press Conference: विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआर की प्रक्रिया में मुख्य चुनाव आयुक्त, अन्य चुनाव आयुक्तों और चुनाव आयोग के बीच हुए मतभेद मीडिया में सार्वजनिक होने के बाद सभी विपक्षी दल केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर हमलावर है। दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रेस कांफ्रेंस कर वर्तमान केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए कहा कि , मैं तीन साल से वोट चोरी का पर्दाफ़ाश करता आ रहा हूँ। अब चुनाव आयुक्त खुद इसे स्वीकार कर सच्चाई उजागर कर रहे हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने देशद्रोह किया है। वो अभी इस्तीफ़ा दें और सरकारी गवाह बन जाएं। वोट चोरी की साज़िश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की पूरी जांच होगी। उन्होंने कहा पहले एंटी इंकम्बेंसी के कारण, सरकारें बदलते रही हैं। लेकिन अब ऐसा नहीं होता है। जनता पार्टी लगातार जीत रही है। चुनाव आयुक्तों ने सवाल उठाए। उन सवालों को नजरअंदाज कर दिया गया। लोगों ने उन सवालों पर भरोसा किया, लेकिन संस्थागत ढांचे चुनाव आयोग एवं प्रधानमंत्री कुछ नहीं बोले। अब दो चुनाव आयुक्त कह रहे हैं कि ज्ञानेश कुमार इसके लिए जिम्मेदार हैं। हम ऐसी में सीबीआई हैं, जिसका सामना भारत ने 1947 के बाद से नहीं किया है। हमारे वोट के साथ समझौता किया गया है और हमारी संस्थाओं के साथ भी समझौता किया गया है। आजादी के बाद यह पहली बार है जब हम खुद को ऐसी स्थिति में पा रहे हैं। ज्ञानेश कुमार को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए।

राहुल गांधी ने इसका उदाहरण दिया, इंदिरा गांधी तक ने बांग्लादेश जंग के बाद एंटी इंकम्बेंसी झेला था, लेकिन आज ऐसा नहीं होता। हरियाणा में सरकार बदलते रहती थी, महाराष्ट्र में सरकार बदलते रहती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होता। वर्षों तक लगातार दबाव बनाए जाने के बाद कुछ जानकारियां सामने आने लगीं।

राहुल गांधी ने आगे कहा कि वोट हमारे देश की बुनियाद है। इसकी रक्षा करना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। अगर वोट के साथ छेड़छाड़ हुई है, तो इसका मतलब है कि हमारे संविधान के साथ भी समझौता हुआ है। फिर संविधान की ताकत खत्म हो जाती है और हमारे कानूनों की वैधता पर भी सवाल खड़ा हो जाता है। सवाल यह है कि यह भारत के हर एक नागरिक की अभिव्यक्ति पर हमला है। चुनाव आयोग वोट का संरक्षक है। वोट की रक्षा करना उसकी जिम्मेदारी है।

राहुल गांधी ने कहा, अगर वोट चोरी हो गया है और उसके चलते कोई सांसद संसद में बैठा है, तो उसके द्वारा बनाए गए किसी भी कानून की वैधता पर सवाल खड़ा होता है? हमारे पास इसे निश्चित रूप से साबित करने के लिए पर्याप्त जानकारी है। हम चुप नहीं बैठने वाले हैं। जो लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाएगा। दो

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर हमलावर होते हुए कहा कि, एक ऐसा कानून पारित किया गया, जिसके तहत चुनाव आयुक्तों को जांच से संरक्षण मिल गया। मैंने भारत के प्रधानमंत्री को एक असहमति पत्र (डिसेंट नोट) सौंपा था, लेकिन मेरी बातों को नजरअंदाज कर दिया गया और प्रधानमंत्री ने इस व्यक्ति को चुनाव आयुक्त नियुक्त कर दिया।

Share
Copyright2017©Spot Witness Times. Designed by MTC, 9084358715. All rights reserved. | Newsphere by AF themes.