12 अक्टूबर को इंडिया गठबंधन और देश के युवा बड़ी संख्या में एक बार फिर सड़कों पर उतरेंगे: राहुल गांधी,
Delhi 11 October 2026
शान्ति पूर्ण विरोध प्रदर्शनों के लिए दिल्ली में बनाए गए जंतर मंतर स्थल पर कॉकरोच जनता पार्टी एवं विरोधी पार्टियों को रोकने के लिए सरकार द्वारा अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। दिल्ली में 38 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए। 45 से ज्यादा मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद रहे और किसी की भी आवाजाही नहीं हुई। पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान करीब चार हजार से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। इस दौरान नेहा बोरा, प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव, दीपांकर भट्टाचार्य और आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया कई नेताओं को भी गिरफ्तार में लिया गया। इसके अलावा सीजेपी नेता अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पहुंचने के बाद विमान के अंदर से गिरफ्तार कर लिया गया।
विरोध प्रदर्शनों पर केन्द्र सरकार की कड़ी कार्रवाई पर कांग्रेस ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि दिल्ली की सड़कों पर लोकतंत्र को कुचला गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि, सोमवार, 12 अक्टूबर को कांग्रेस, पूरा इंडिया गठबंधन और देश के युवा बड़ी संख्या में एक बार फिर सड़कों पर उतरेंगे। और इस बार भी पहले से कहीं ज़्यादा आवाज़ पूरे देश में गूंजेगी। गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते़ हुए चेताया, जितनी पुलिस लानी है, 10 हज़ार, 20 हज़ार, 40 हज़ार, ले आइए डरने वाले नहीं हैं। पीछे हटने वाले नहीं हैं। ये लड़ाई अब रुकने वाली नहीं है!
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि, अमित शाह की दिल्ली पुलिस, राष्ट्रीय स्वयंसेवक और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को महिलाओं और युवाओं पर हिंसा करने की खुली छूट और बढ़ावा दे रही है। सरकार जितना दबाएगी, जेन-जी और छात्रों का गुस्सा उतना ही बढ़ेगा। संविधान की धज्जियां उड़ेंगी और हम चुप बैठेंगे? ऐसा हरगिज़ नहीं होगा। जवाबदेही तय करवाकर रहेंगे! सोमवार को हम मुख्य न्यायाधीश से भी मिलेंगे और मांग करेंगे कि जब दिल्ली की सड़कों पर संविधान को तार-तार किया जा रहा है और लोकतंत्र को कुचला जा रहा है, तब कानून चुप नहीं बैठेगा।
इससे पहले राहुल गांधी ने संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में इंडिया गठबंधन के सांसदों को संबोधित करते हुए कहा था कि, विपक्ष के विरोध-प्रदर्शनों ने इस सरकार की नींव हिला दी है। अब यह सरकार डरी हुई है। कांग्रेस सांसद ने कथित तौर पर कहा कि यह ऐसी बात है जिसके लिए लड़ा जा सकता है और जान भी दी जा सकती है। वहीं ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए राहुल ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त सिर्फ एक सर्विस प्रोवाइडर हैं।
