विदेशी निवेशकों ने की लगभग 63.5 अरब डॉलर की शुद्ध बिकवाली,
Delhi 19 October 2026,
भूरतीय शेयर बाजार से विदेशी निवेशकों की दूरी बढ़ती जा रही है. पिछले करीब दो वर्षों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय शेयरों में इतनी बड़ी बिकवाली की है कि अक्टूबर 2015 से सितंबर 2024 के बीच की उनकी पूरी शुद्ध खरीदारी लगभग खत्म हो गई है। इस दौरान विदेशी निवेशकों ने करीब 63.3 अरब डॉलर का निवेश किया था, जबकि अक्टूबर 2024 के बाद से लगभग 63.4 अरब डॉलर की शुद्ध बिकवाली कर चुके हैं।
आंकड़े बताते हैं कि विदेशी निवेशकों की बिकवाली का दबाव 2026 में और बढ़ा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों ने इस साल अब तक भारतीय शेयरों से 32.8 अरब डॉलर निकाले हैं। इससे पहले 2025 में वे 18.9 अरब डॉलर की शुद्ध बिकवाली कर चुके थे। आंकड़ों के मुताबिक मार्च 2026 सबसे कमजोर रहा, जब विदेशी निवेशकों ने 12.7 अरब डॉलर निकाले। अप्रैल में 6.5 अरब डॉलर और जून में 5.2 अरब डॉलर की निकासी हुई है।
अर्थशास्त्रियों का मानना है कि, इस लगातार बिकवाली के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण हैं। इनमें अमेरिका में ऊंची बॉन्ड यील्ड, मजबूत डॉलर, महंगा कच्चा तेल और भारतीय शेयरों से मिलने वाले कमजोर रिटर्न शामिल हैं।विदेशी निवेशक किसी बाजार में पैसा लगाते समय केवल शेयरों की तेजी नहीं देखते, बल्कि दूसरे देशों में मिलने वाले रिटर्न और जोखिम की भी तुलना करते हैं। अमेरिकी सरकारी बॉन्ड पर करीब 5.3 फीसदी यील्ड मिलने से विदेशी निवेशकों के लिए वहां पैसा लगाना आकर्षक विकल्प बन सकता है। इसके मुकाबले भारतीय शेयर बाजार में निवेश करने पर उन्हें बाजार की अस्थिरता और रुपये में उतार-चढ़ाव का जोखिम भी उठाना पड़ता है।
