राहुल गांधी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जुड़े मानहानि मामले में अदालत ने किया दोषमुक्त: कांग्रेस ने इसे ‘सत्य की जीत’ बताया,
Uttarpradesh 26 October 2026,
कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जुड़े मानहानि मामले में सोमवार को बड़ी राहत मिली है। सुल्तानपुर की विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने उन्हें भारतीय दंड संहिता की धारा 500 के तहत चल रहे मामले में दोषमुक्त कर दिया।
सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए अदालत ने 2018 के मानहानि मामले में राहुल गांधी को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है। फैसले पर बताया है, वहीं शिकायतकर्ता विजय मिश्रा ने इसे ऊपरी अदालत में चुनौती देने की बात कही है। भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जनता उन्हें माफ नहीं करेगी।
वादी पक्ष के अधिवक्ता संतोष पांडेय ने बताया कि अदालत ने अपने फैसले में तीन प्रमुख बिंदुओं पर विचार किया। उनके अनुसार, अदालत ने शिकायतकर्ता की ओर से प्रस्तुत सीडी को साक्ष्य माना, लेकिन विजय मिश्रा को इस मामले में पीड़ित व्यक्ति मानने से इंकार कर दिया। साथ ही, अदालत ने राहुल गांधी की संबंधित टिप्पणी को मानहानिकारक नहीं माना और उन्हें आरोपों से दोषमुक्त कर दिया। अधिवक्ता संतोष पांडेय ने कहा कि उन्हें अभी फैसले की प्रमाणित प्रति नहीं मिली है। आदेश उपलब्ध होने के बाद उसका विधिक परीक्षण किया जाएगा और फिर आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।
मामला मई 2018 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान बेंगलुरु में राहुल गांधी की प्रेस वार्ता में की गई कथित टिप्पणी से संबंधित है। उस समय अमित शाह बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। शिकायतकर्ता विजय मिश्रा का आरोप था कि राहुल गांधी ने प्रेस वार्ता के दौरान अमित शाह के लिए ‘हत्यारा’ शब्द का इस्तेमाल किया था, जिससे बीजेपी और उसके कार्यकर्ताओं की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची। विजय मिश्रा उस समय बीजेपी के जिला उपाध्यक्ष थे। शिकायत कर्ता ने संबंधित बयान की सीडी को साक्ष्य बताते हुए चार अगस्त 2018 को राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का परिवार वाद दाखिल किया था। मामले की सुनवाई दीवानी न्यायालय से शुरू हुई और बाद में इसे सांसदों-विधायकों से जुड़े मामलों की सुनवाई करने वाली विशेष एमपी-एमएलए अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया। अदालत ने आज राहुल गांधी को भारतीय दंड संहिता की धारा 500 के तहत चल रहे मामले में दोषमुक्त कर दिया है।
