October 30, 2026

प्रधानमंत्री मोदी ने किया बनासकांठा में 14 हजार करोड़ रुपये के राष्ट्रीय विकास परियोजना का शिलान्यास, उद्घाटन और लोकार्पण,

Gujrat 30 October 2026,

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज गुजरात के बनासकांठा में 14,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के राष्ट्रीय विकास परियोजना का शिलान्यास, उद्घाटन और लोकार्पण किया। नवरात्रि के ठीक बाद मां अम्बा की पवित्र धरती पर बोलते हुए, उन्होंने महिलाओं, बच्चों, किसानों और पशुपालकों के लिए कई पहलों का शुभारंभ किया, साथ ही देश भर के करोड़ों छोटे किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की नई किस्त भी जारी की।

प्रधानमंत्री मोदी विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने कार्यक्रम स्थल पहुंचे तो छात्रों ने ‘मोदी कहीं नहीं जाएंगे’ के नारे लगाए। प्रधानमंत्री के दौरे से पहले बनासकांठा के गांवों में आयोजित सार्वजनिक कार्यक्रमों और स्वच्छता अभियानों के दौरान भी यही नारा सुनाई दे रहा था। बता दें कि, 25 अक्टूबर को पटना में एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं पर बोलते समय दर्शकों में मौजूद एक व्यक्ति ने ‘प्रधानमंत्री मोदी कहीं नहीं जाएंगे’ की तीखी टिप्पणी की थी। इस पर खड़गे ने जवाब दिया था, ‘मोदी का बाप भी जाएगा।’

किसानों और अन्नदाताओं को विकसित भारत के सबसे मज़बूत स्तंभ में से एक बताते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने लगातार उनकी भलाई और मजबूती को प्राथमिकता दी है, और 2013-14 के मुकाबले देश का कृषि बजट पांच गुना से ज्यादा बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि छोटे किसानों की जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन गई है, गुजरात में 50 लाख से ज्यादा किसानों के अकाउंट में 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा जमा किए गए हैं, जिसमें बनासकांठा के लाखों किसान परिवारों के लिए लगभग 50 करोड़ रुपये शामिल हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि आज लगभग 10 करोड़ किसानों के अकाउंट में 18 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम भेजी गई है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि हाल के वर्षों में सरकार की नीतियों से किसानों को 50 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा मिले हैं या उनकी बचत हुई है। उन्होंने पांच खास उदाहरणों में से पहला उदाहरण देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत लगभग 4.5 लाख करोड़ रुपये सीधे छोटे किसानों के बैंक अकाउंट में भेजे गए हैं। उन्होंने कहा कि छोटे किसान खेती करने वाले समुदाय का 85 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा हैं और हमारी सरकार ने ऐसे छोटे किसानों का ध्यान रखा और उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से मदद दी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने एमएसपी का अपना वादा पूरा किया है। पिछले 12 सालों में, गेहूं और धान के किसानों को एमएसपी के तौर पर 24 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा मिले हैं। पीएम फसल बीमा योजना के ज़रिए किसानों को मिले मज़बूत सुरक्षा कवच के बारे में बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 10 से 12 वर्षों में किसानों को फसल बीमा के मुआवजे के तौर पर 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा मिले हैं, साथ ही पीएम-कुसुम योजना की बढ़ती भूमिका के जरिए सिंचाई का खर्च कम करने की लगातार कोशिशें भी की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत लगभग 12 लाख सोलर पंप बांटने से ज्यादा बिजली बनी है और लाखों किसानों का 80 करोड़ लीटर से ज्यादा डीजल खरीदने का खर्च बचा है, जिससे सिर्फ़ इन पांच बड़ी स्कीमों और फ़ैसलों से कुल आर्थिक या बचत 50 लाख करोड़ रुपये हो गई है। श्री मोदी ने कहा कि इन 50 लाख करोड़ रुपये ने देश के किसानों की आय बढ़ाई है और भारत में खेती की क्षमता को बढ़ाया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जानवरों को खुरपका-मुंहपका जैसी बीमारियों से बचाना एक बड़ी प्राथमिकता है, क्योंकि ऐसी बीमारियां जानवरों की सेहत और दूध की उत्पादन दोनों पर असर डालती हैं। उन्होंने देश भर में फ्री वैक्सीनेशन ड्राइव शुरू करने पर ज़ोर दिया। उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 150 करोड़ वैक्सीन डोज दी जा चुकी हैं, जिससे 8 करोड़ से ज्यादा किसानों के जानवरों को फ्री वैक्सीनेशन मिला है। श्री मोदी ने कहा, “इससे पशुपालकों पर पैसे का बोझ भी कम हुआ है।”

डेयरी उत्पादन पर पड़े सार्थक प्रभावी की ओर इशारा करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि 2013-14 में हर गाय या भैंस का रोज़ का औसत दूध 5 लीटर से बढ़कर आज लगभग 8 लीटर हो गया है, जिससे भारत दुनिया में सबसे तेज़ दूध उत्पादन दर हासिल कर रहा है और गांव के किसान परिवारों को फ़ायदा हो रहा है। पीएम श्री मोदी ने कहा, “भारत दूध उत्पादन में दुनिया में नंबर वन है

7 अक्टूबर, 2001 को शपथ लेने के बाद सरकार के प्रमुख के तौर पर 25 साल की सेवा पूरी करने को याद करते हुए, प्रधानमंत्री ने हर गुजराती से मिले अपार प्यार और मार्गदर्शन को याद किया। पहले गुजरात और फिर देश की सेवा करने की जिम्मेदारी सौंपने के लिए लोगों का शुक्रिया अदा किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा, “और प्यार से भी ज्यादा, हर एक गुजराती ने मुझे सिखाया है और सही रास्ते पर ले गया है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि वे सिर्फ दो ही बातें जानते हैं – जनता की सेवा करके देश की सेवा करना और गुजरात के विकास के जरिए देश का विकास करना, बाकी सब कुछ उन्होंने लोगों से सीखा है। उन्होंने देश के लिए जो कुछ भी हासिल किया है, उसका श्रेय नागरिकों को दिया। श्री मोदी ने कहा, “इसके लिए मैं जिंदगी भर आपका एहसानमंद रहूंगा और जिंदगी के आखिरी पल तक आपकी सेवा में लगा रहूंगा।”

अंतरराष्ट्रीय अनिश्चितता के बीच वैश्विक खाद की कीमतों में तेज बढ़ोतरी की ओर इशारा करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी किसान-केंद्रित सरकार ने किसानों को कीमतों में बढ़ोतरी से बचाया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा, “सरकार ने इस पर लगभग 16 लाख करोड़ रुपये खर्च किए।” ईरान और खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध का उदाहरण देते हुए, जिसमें भारत हालात का सामना करने के लिए एकजुट था, जबकि कुछ लोग किसानों को खाद की कमी और महिलाओं को गैस सप्लाई के बारे में डराने के लिए अफवाहें फैला रहे थे, प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका प्लान उन्हें बदनाम करने के लिए देश में अफरा-तफरी मचाना था। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा, “जब भारत एकजुट होकर इसका सामना कर रहा था, तब ये लोग अफवाहें फैलाते रहे।”

यह देखते हुए कि युद्ध की वजह से दुनिया भर में खाद और कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू गईं, प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार ने भारतीय किसानों को इस बोझ से बचाया, दुनिया भर में 3,000 रुपये की यूरिया की बोरी भारत में 300 रुपये से कम में दी, और दुनिया भर में 5,000 रुपये से ज्‍यादा की डीएपी की बोरी सिर्फ़ 1,350 रुपये में दी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा, “देश यह मदद इसलिए दे रहा है ताकि हमारा किसान मज़बूत हो, और किसान की ज़िंदगी बेहतर हो।”

 

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