October 30, 2026

लेखक गांव महोत्सव का समापन, सीएम धामी बोले- साहित्य और संस्कृति से बनती है समाज की पहचान

Dehradun

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को थानो स्थित लेखक गांव में आयोजित लेखक गांव अंतरराष्ट्रीय महोत्सव-2026 के समापन समारोह में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने लेखक गांव की पत्रिका ‘धरती का स्वर्ग उत्तराखण्ड’ और पुस्तिका ‘देवभूमि का काव्य पुष्प’ का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लेखक गांव समाज को दिशा देने वाले विचारों का प्रतीक है। यह वर्तमान के साथ भविष्य का निर्माण कर रहा है और स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देकर उत्तराखंड को साहित्यिक मानचित्र पर नई पहचान दिला रहा है।

मुख्यमंत्री ने भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी का स्मरण करते हुए कहा कि अटल जी शब्दों के साधक थे। उनकी लेखनी में पर्वतों जैसी दृढ़ता और गंगा जैसी गहराई थी। उन्होंने सिखाया कि शब्द भी राष्ट्र निर्माण के सशक्त माध्यम बन सकते हैं।

उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड हमेशा से रचनात्मकता, ज्ञान और संस्कृति का केंद्र रही है। यहां के ऋषियों ने अनेक महान ग्रंथों की रचना की है। प्रदेश का प्राकृतिक सौंदर्य सदियों से लेखकों, कवियों और विचारकों को प्रेरित करता रहा है। साहित्य हमारे समाज के मूल्यों, विचारों और सांस्कृतिक विरासत को प्रतिबिंबित करता है।

सीएम धामी ने कहा कि देश के स्वतंत्रता आंदोलन को दिशा देने में लेखकों, कवियों और रचनाकारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान भी साहित्यकारों ने अपने लेखन और विचारों के माध्यम से योगदान दिया। लेखक और रचनाकार केवल शब्दों के सृजनकर्ता नहीं होते, बल्कि वे समाज के चिंतक और मार्गदर्शक भी होते हैं।

साहित्यकारों को सम्मान और स्थानीय भाषाओं में प्रकाशन के लिए अनुदान

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार साहित्य और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान, साहित्य भूषण और लाइफ टाइम अचीवमेंट जैसे पुरस्कारों के माध्यम से उत्कृष्ट साहित्यकारों को सम्मानित किया जा रहा है। हिंदी के साथ-साथ विभिन्न स्थानीय भाषाओं में ग्रंथों के प्रकाशन के लिए भी साहित्यकारों को अनुदान दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को साहित्यिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। इसके तहत राज्य में दो साहित्य ग्राम स्थापित किए जा रहे हैं। इन साहित्य ग्रामों में साहित्यकारों के लिए आवासीय सुविधाएं, आधुनिक पुस्तकालय, संगोष्ठी कक्ष और अध्ययन स्थल विकसित किए जाएंगे, जिससे रचनाकारों को साहित्य सृजन के लिए अनुकूल वातावरण मिल सके।

सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अपनी सांस्कृतिक और साहित्यिक धरोहर के पुनर्जागरण की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसी प्रेरणा से राज्य सरकार भी उत्तराखंड के बिखरे हुए साहित्य को संकलित, संरक्षित और पुनर्स्थापित करने के लिए ठोस कदम उठा रही है। सरकार विकास के साथ अपनी विरासत को संरक्षित करने के लिए भी प्रतिबद्ध है।

सीमांत क्षेत्रों में बढ़ रहा रिवर्स माइग्रेशन : अजय टम्टा

कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में ऐतिहासिक विकास कार्य हो रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से सीमांत क्षेत्रों में रिवर्स माइग्रेशन की प्रक्रिया को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि विकास और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण राज्य के उज्ज्वल भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है।

लेखक गांव अंतरराष्ट्रीय महोत्सव के समापन समारोह में साहित्य, संस्कृति और रचनात्मकता के संरक्षण के साथ उत्तराखंड की साहित्यिक पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने का संकल्प भी सामने आया।

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