नैनीताल में जर्जर भवनों पर प्रशासन सख्त, डीएम ने सर्वे और नोटिस जारी करने के दिए निर्देश
नैनीताल जिले में जर्जर और असुरक्षित भवनों को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी ललित मोहन रेयाल ने बताया कि जिले में कई पुराने संरक्षित और अन्य भवन ऐसे हैं, जिनका लंबे समय से उचित रखरखाव नहीं किया गया है। इन भवनों की हालत काफी जर्जर हो चुकी है और वे आम लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि इस संबंध में नगर आयुक्त को निर्देश दिए गए हैं कि जिले के सभी जर्जर और असुरक्षित भवनों का सर्वे कर उनकी सूची तैयार की जाए। इसके बाद संबंधित भवन स्वामियों को नोटिस जारी कर निर्धारित समय के भीतर भवनों की मरम्मत और आवश्यक रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएंगे।
डीएम ललित मोहन रेयाल ने स्पष्ट किया कि यदि भवन मालिक नोटिस के बावजूद तय समय सीमा में आवश्यक कार्रवाई नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि जर्जर भवनों के कारण भविष्य में किसी भी प्रकार की जनहानि या हादसा न हो।
जिलाधिकारी ने लोगों से भी अपील की कि यदि उनके आसपास कोई भवन अत्यधिक जर्जर स्थिति में है, तो इसकी सूचना प्रशासन को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
ललित मोहन रयाल जिलाधिकारी
