भारत की अध्यक्षता में ‘ब्रिक्स’ देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के समाधान के लिए की व्यावहारिक तरीके खोजने की अपील,
Delhi, 14 May 2026,
भारत की अध्यक्षता में ‘ब्रिक्स’ देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक आज से नई दिल्ली में शुरू हो गई है। यह बैठक आगामी 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारियों की रूपरेखा तय करने के लिए आयोजित की जा रही है। इस उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता विदेश मंत्री एस. जयशंकर कर रहे हैं। जयशंकर ने सभी देशों के प्रतिनिधिमंडल की उपस्थिति के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, हम ऐसे समय में मुलाकात कर रहे हैं जब जब पश्चिम एशिया में सामरिक तनाव लगातार बढ़ रहा है।
बैठक को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर गंभीर चिंता जताते हुए ब्रिक्स देशों से इसके समाधान के लिए व्यावहारिक तरीके खोजने की अपील की। उन्होंने विशेष रूप से होर्मुज स्ट्रेट और लाल सागर में सुरक्षित समुद्री आवाजाही सुनिश्चित करने पर जोर दिया ताकि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार बाधित न हो। जयशंकर ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों की स्थिरता वैश्विक अर्थव्यवस्था की भलाई के लिए अनिवार्य है।
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भारत के साथ अपनी ‘विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी’ की सराहना की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि रूस भारत को ऊर्जा (तेल और गैस) आपूर्ति से जुड़े सभी समझौतों को पूरी तरह निभाएगा। लावरोव ने वैश्विक अनिश्चितता के बीच बहुध्रुवीयता को बढ़ावा देने और पश्चिमी देशों के प्रभुत्व के खिलाफ ब्रिक्स की एकजुटता पर जोर दिया।
ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने इस मंच का उपयोग पश्चिम एशिया में जारी युद्ध को लेकर अमेरिका और इजरायल पर तीखा हमला करने के लिए किया। ईरान ने एक अधिक संतुलित वैश्विक व्यवस्था की मांग की और ब्रिक्स देशों से इस संकट में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया।
ब्राजील के विदेश मंत्री मौरो विएरा और दक्षिण अफ्रीका के रोनाल्ड लामोला ने खाद्य, ऊर्जा और स्वास्थ्य सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए ब्रिक्स के महत्व को रेखांकित किया। साथ ही वैश्विक गवर्नेंस और बहुपक्षीय प्रणाली में सुधार की वकालत की, ताकि विकासशील देशों को बराबर का हक मिल सके। नए पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल हुए इंडोनेशिया के विदेश मंत्री सुगियोनो ने भी वैश्विक अर्थव्यवस्था को स्थिर करने में ब्रिक्स की रचनात्मक भूमिका का समर्थन किया
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ब्रिक्स बैठक के लिए भारत आए रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात कर यूक्रेन और पश्चिम एशिया के ताजा हालातों पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट रूप से दोहराया कि किसी भी वैश्विक संघर्ष का स्थायी समाधान केवल ‘संवाद और कूटनीति’ के माध्यम से ही संभव है।
