तारीख पे तारीख’ के लिए बदनाम न्याय प्रणाली को बदलते हुए चंडीगढ़ ने 85% दोषसिद्धि दर और मात्र 140 दिन का औसत हासिल किया: अमित शाह
Chandigarh 01 November 2026,
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज चंडीगढ़ पुलिस के हीरक जयंती स्थापना समारोह में भाग लिया और चंडीगढ़ पुलिस के राष्ट्रपति निशान अलंकरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया 4 अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाहअपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि, चंडीगढ़ पुलिस ने हरियाणा पुलिस और पंजाब पुलिस से समन्वय. साधते हुए ट्राॅयो सिटीज को बहुत अच्छे से संभाला है। 6 हज़ार से अधिक संख्या वाले पुलिस बल में क्राइम विंग, ऑपरेशन सेल, सिक्योरिटी विंग, ट्रैफिक पुलिस और पीसीआर पुलिस ने बहुत अच्छे तरीके से ड्यूटी निभाते हुए देशभर में मानांक स्थापित करने का काम किया है।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि पुलिसिंग एक ऐसा विषय है जो हमारे देश में आतंकवाद, ड्रग्स, साइबर क्राइम और लॉ एंड ऑर्डर के पीछे छिप गया है। पुलिस का दायित्व नागरिकों की सेवा में सुगमता लाना भी है। चंडीगढ़ पुलिस ने बीट पुलिसिंग ऐप और इस मॉडल के माध्यम से नागरिकों को पुलिस स्टेशन तक न जाना पड़े, इस प्रकार की अद्भुत व्यवस्था को ज़मीन पर सफलतापूर्वक उतारा है।
श्री शाह ने कहा कि चंडीगढ़ पुलिस का क्विक रिस्पॉन्स टाइम (क्यूआरटी) 10 मिनट और पुलिस के पहुंचने का टाइम 4 मिनट है। नवीन न्याय संहिताओं की शुरूआत भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने चंडीगढ़ में की थी और अंग्रेजों के बनाए तीन दंड-आधारित कानूनों को तिलंजालि देकर देश आगे बढ़ाया। श्री शाह ने कहा कि आज जब हमने नशामुक्त भारत बनाने का संकल्प लिया है, तो सबसे पहले देश में चंडीगढ़ नशामुक्त होगा। उन्होंने कहा कि नवीन न्याय संहिताएं आने के बाद NDPS मामलों में दोष सिद्धि को बढ़ाकर चंडीगढ़ पुलिस ने 93 प्रतिशत आरोपियों को दोषसिद्धिकर जेल भेजा है। नशे और गैंगस्टर्स के खिलाफ ये मुहिम चंडीगढ़ पुलिस की बहुत बड़ी सिद्धि है। 4 अगस्त, 2024 से आज तब चंडीगढ़ में 8206 FIR दर्ज हुई हैं जिनमें से 7590 मामलों मे आरोप पत्र ऑनलाइन देने का काम चंडीगढ़ पुलिस ने किया है। ये देश के सभी पुलिसबलों के लिए आदर्श है कि अगर हम नवीन न्याय संहिताओं पर सुचारू रूप से अमल करें तो 85 प्रतिशत गुनहगारों को सज़ा करा सकते हैं। हमारी पुलिस सेवाएं पुराने कानूनों के कारण बदनाम थीं और पीढ़ियों तक लोगों को न्याय नहीं मिलता था। आज 85 प्रतिशत दोष सिद्धि दर प्राप्त कर 4चंडीगढ़ ने सिर्फ 140 दिन में आरोपियों को सज़ा कराने का औसत प्राप्त किया है।
