डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने उत्तराखंड के राज्यपाल पद की शपथ ली, देवभूमि को बताया आस्था और संस्कृति का केंद्र
देहरादून स्थित लोकभवन में डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने उत्तराखंड के राज्यपाल पद की शपथ ग्रहण की। मुख्य न्यायाधीश ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
राज्यपाल पद की शपथ लेने के बाद डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने देवभूमि उत्तराखंड की जनता को नमन किया। उन्होंने प्रदेश की सेवा करने का अवसर देने के लिए देश के शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त किया।
अपने संबोधन में राज्यपाल डॉ. बिसेन ने कहा कि उत्तराखंड केवल एक भौगोलिक प्रदेश नहीं, बल्कि देश की आस्था और संस्कृति का प्रमुख केंद्र है। यह बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री जैसे पवित्र चारधाम की भूमि है। इसके साथ ही आदि कैलाश और जागेश्वर धाम जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल भी प्रदेश की आध्यात्मिक पहचान को विशेष बनाते हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड अपने प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन स्थलों के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। देवभूमि होने के साथ-साथ उत्तराखंड वीरभूमि भी है। यहां लगभग हर परिवार का कोई न कोई सदस्य देश की रक्षा के लिए सेना में अपनी सेवाएं देता है। यह प्रदेश की राष्ट्रभक्ति और गौरवशाली परंपरा को दर्शाता है।
राज्यपाल ने प्रदेश की मातृशक्ति, युवाओं, किसानों और समाज के विभिन्न वर्गों की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड विकास के अनेक क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा केदारनाथ की भूमि से संकल्प व्यक्त किया था कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा।
डॉ. बिसेन ने कहा कि इस संकल्प को साकार करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रदेश के विकास को निरंतर गति देते हुए उत्तराखंड को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। उन्होंने देवभूमि की सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक संपदा और विकास की संभावनाओं को प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत बताया।
डॉ. ढाल सिंह बिसेन, राज्यपाल, उत्तराखंड
