प्रत्येक जनपद पलायन रोकने तथा स्वरोजगार को बढावा देने हेतु वृहद रणनीति तैयार करें- गर्ब्याल
बैठक में एनआरएलएम, महात्मा गांधी नरेगा, दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना, ग्रामीण अवस्थापना, मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम, और मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, महात्मा गांधी नरेगा, मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना आदि केन्द्र तथा राज्य पोषित योजनाओं के साथ ही वाह्य सहायतित योजना-ग्रामोत्थान की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे श्रम, कौशल विकास, और आजीविका के क्षेत्रों में सक्रिय रूप से योगदान देने वाली गतिविधियों पर विशेष ध्यान दें।
बैठक में आरसेटी (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका प्रशिक्षण संस्थान) और डी.डी.यू.जी.के.वाई. (दीन दयाल उपाध्याय ग्राम कौशल योजना) के तहत युवाओं के कौशल विकास के कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए उन्हें प्रेरित करने के निर्देश दिये गये। सभी मुख्य विकास अधिकारियो अपने जनपदों में इच्छुक युवाओं को चिन्हांकन करने तथा राज्य के अन्दर इन्डस्ट्रीज में अधिकाधिक रोजगार उपलब्ध कराये जाने हेतु रिकल गैप एनालिसिस कराया जाने के निर्देश दिये गये।
मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना की समीक्षा के बाद, सभी जनपदों को स्वरोजगार हेतु इच्छुक युवाओं का अधिकतम चिन्हांकन करने के निर्देश दिए गए। सचिव ने बताया कि पलायन को रोकने के लिए अधिक से अधिक युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना अनिवार्य है। इसके अलावा, विकास खंड स्तर पर वार्षिक लाभार्थियों की सूची तैयार करने की आवश्यकता भी बताई गई, ताकि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो सके।
*देहरादून
सिविल सर्विस इंस्टीट्यूट, देहरादून में ग्राम्य विकास सचिव धीराज गर्ब्याल की अध्यक्षता में जनपदों के मुख्य विकास अधिकारियों के साथ ग्राम्य विकास कार्यक्रमों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सभी जनपदों के मुख्य विकास अधिकारियों ने प्रतिभाग किया गया। बैठक में विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति एवं भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा की गई।
