February 25, 2026

गैंगस्टर विक्रम हत्याकांड: देहरादून को सुरक्षित मानकर बनाया ठिकाना, यही बेफिक्री बनी जानलेवा

कई लोगों को मौत के घाट उतारने के आरोपी विक्रम शर्मा को जमशेदपुर में खतरा महसूस होने लगा था। वहां उसकी गणेश गैंग के साथ अदावत जगजाहिर थी। इसके अलावा ददई यादव और बड़ा निजाम के गिरोह से भी पुरानी रंजिश रही है। उस पर ददई यादव और बड़ा निजाम को भी मरवाने के आरोप हैं। इसलिए उसने जमशेदपुर से निकलकर दून में अपना ठिकाना बनाया था। यहां वह अपनी मां, पत्नी और बेटी के साथ अमन विहार में रहता था

देहरादून से वह बाजपुर और नोएडा अक्सर जाता था लेकिन उसके आने-जाने के कार्यक्रम के बारे में किसी को भी जानकारी नहीं रहती थी। खुद उसके परिवार वालों को भी पता नहीं रहता था कि कब वह देहरादून आएगा और कब तक घर पर रहेगा। जमशेदपुर जाने के दौरान वह खास सतर्कता बरतता था।

.वहां कई वाहनों के काफिले में हमेशा 10-15 लोगों के साथ चलता था। उसकी हत्या की साजिश में शामिल रहे आरोपियों ने खुद इस बात को कबूला है कि जमशेदपुर में उसे मारना कठिन था। इसलिए देहरादून में उसकी हत्या की साजिश रची। देहरादून में वह सामान्य नागरिक की तरह जीता था। उसकी यही बेफिक्री उसके लिए जानलेवा बनी।

सत्यापन न होने पर उठे सवाल
अमन विहार में विक्रम शर्मा कई वर्षों से परिवार के साथ रह रहा था। इसके बावजूद उसका पुलिस सत्यापन न होने पर सवाल उठे। इसके जवाब में एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि उस पर झारखंड में मामले दर्ज थे। कई मामलों में वह बरी हो गया था। उत्तराखंड में उस पर एक भी प्राथमिकी दर्ज नहीं है। देहरादून में भी वह प्रदेश की स्थानीय अपनी बाजपुर की आईडी लगाकर रह रहा था। सत्यापन अभियान में आमतौर पर प्रदेश के बाहर से यहां रह रहे लोगों पर फोकस रहता है

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