August 13, 2026

घोड़ों और खच्चरों में एक्वाईन इन्फ्लुएंजा संक्रामक रोग के नियंत्रण श में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के दिये गए निर्देश,

देहरादून, 01 अप्रैल 2025,

जनपद रूद्रप्रयाग के वीरोन एवं बस्ती ग्राम में घोड़ों और खच्चरों में एक्वाईन इन्फ्लुएंजा संक्रामक रोग की पुष्टि होने के तुरंत बाद उत्तराखंड का पशुपालन विभाग हरकत में आया है। इस संबंध में आज पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने पशुपालन विभाग एवं शासन के अधिकारियों के साथ सचिवालय में समीक्षा बैठक में निर्देशित किया कि, निकट भविष्य में चार धाम यात्रा प्रस्तावित है। अतः शीर्ष प्राथमिकता पर घोड़ों और खच्चरों की स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जाय। एक्वाईन इन्फ्लुएंजा संक्रामक रोग से ग्रस्त पशु यात्रा में किसी भी दशा में सम्मिलित न हो सकें। यह भी निर्देशित गया कि जनपद रूद्रप्रयाग, टिहरी, उत्तरकाशी, बागेश्वर एवं चमोली जनपदों के साथ-साथ प्रदेश की सीमाओं पर स्थापित पशु रोग नियंत्रण चौकियों पर समस्त घोड़ों और खच्चरों का स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित किया जाय। इसके अतिरिक्त अन्य सीमावर्ती राज्यों से चार-धाम यात्रा हेतु आने वाैले घोड़ों और खच्चरों को अनिवार्य रूप अपने जनपदों से स्वास्थ्य परीक्षण प्रमाण-पत्र एवं एक्वाईन इन्फ्लुएंजा की निगेटिव रिपोर्ट के साथ ही प्रदेश में प्रवेश की अनुमति प्रदान की जाय।

पशुपालन मंत्री ने जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग को एक्वाईन इन्फ्लुएंजा संक्रामक रोग के नियंत्रण में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। इसके अलावा विभागीय मंत्री द्वारा यह भी निर्देशित किया गया कि उक्त आदेश के अनुपालन में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए , अन्यथा लापरवाह अधिकारियों के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।

समीक्षा बैठक में सचिव पशुपालन उत्तराखण्ड शासन डा. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, निदेशक राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान संस्थान हिसार हरियाणा, निदेशक, आई.वी.आर.आई. मुक्तेश्वर, जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग, निदेशक पशुपालन एवं शासन के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे ।

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