ITBP ने उत्साह के साथ मनाया 65वां स्थापना दिवस, केदारनाथ आपदा में निभाई थी अहम भूमिका
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) ने अपना 65वां स्थापना दिवस उत्साह के साथ मनाया। इस अवसर पर गौचर स्थित आईटीबीपी की आठवीं वाहिनी में भी कार्यक्रम आयोजित किया गया। वाहिनी के कमांडेंट मनोहर सिंह रावत ने स्थापना दिवस पर हिमवीरों और उनके परिजनों को शुभकामनाएं दीं तथा बल के योगदान को याद किया।
आईटीबीपी के जवान विषम भौगोलिक परिस्थितियों में देश की सीमाओं की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हिमालय के दुर्गम, बर्फीले क्षेत्रों में लगभग 9,000 से 18,800 फीट की ऊंचाई पर तैनात रहने वाले इन जवानों को ‘हिमवीर’ के नाम से भी जाना जाता है। अत्यधिक ठंड, बर्फबारी और कठिन परिस्थितियों के बीच जवान अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं।
केदारनाथ आपदा में निभाई थी महत्वपूर्ण भूमिका
वर्ष 2013 में केदारनाथ क्षेत्र में आई भीषण आपदा के दौरान आईटीबीपी ने राहत एवं बचाव कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और राहत कार्यों में बल के जवानों ने अहम भूमिका निभाई थी। दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में कार्य करने के अनुभव के चलते आईटीबीपी के जवान आपदा प्रबंधन और बचाव अभियानों में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
गौचर में आयोजित स्थापना दिवस कार्यक्रम के दौरान बल के गौरवशाली इतिहास, देश की सीमाओं की सुरक्षा में जवानों के समर्पण और कठिन परिस्थितियों में उनकी सेवाओं को याद किया गया। इस अवसर पर हिमवीरों के साहस, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति समर्पण की सराहना की गई।
