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April 13, 2026

उत्तराखंड में 85 में से 59 लाख मतदाताओं की मैपिंग पूरी, एसआईआर में नहीं देने होंगे दस्तावेज

आयोग ने उत्तराखंड के 85 लाख में से 59 लाख मतदाताओं की प्री एसआईआर के तहत बीएलओ मैपिंग पूरी कर ली है। यह आंकड़ा करीब 67 प्रतिशत है। शनिवार को प्री एसआईआर का आखिरी दिन था लेकिन मैदानी विधानसभाओं में कम उत्साह के चलते अब मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से प्री एसआईआर की तिथि बढ़ाई जाएगी।

70 विधानसभा सीटों पर पिछले करीब डेढ़ माह से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से पहले प्री एसआईआर के तहत बीएलओ मैपिंग का काम चल रहा है। शनिवार को इसका आखिरी दिन था। पूरी अवधि में 85 लाख मतदाताओं में से 59 लाख 17 हजार की मैपिंग हुई है। यह आंकड़ा करीब 67 प्रतिशत है। जिनकी मैपिंग पूरी हो गई है, उन्हें भविष्य में जब एसआईआर शुरू होगा तो कोई दस्तावेज नहीं देना होगा।

प्रदेश की 25 विधानसभा सीटें ऐसी हैं जहां बीएलओ मैपिंग का औसत राज्य के 67 प्रतिशत औसत से कम रहा। लिहाजा अब मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के लिए यहां मैपिंग की चुनौती बढ़ गई है। सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास ने बताया कि इन सभी जगह की मैपिंग के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं ताकि एसआईआर से पहले ही यहां सभी तैयारियां पुख्ता हो जाएं। उन्होंने बताया कि जिन मतदाताओं की मैपिंग सफल हो गई है, उन्हें अब एसआईआर शुरू होने के बाद कोई भी दस्तावेज नहीं देना है।

मैदानी जिलों की विधानसभा में 50 प्रतिशत से कम मैपिंग
हरिद्वार, जसपुर, किच्छा, बाजपुर, बीएचईएल, राजपुर रोड, मसूरी, रायपुर, देहरादून कैंट, ऋषिकेश, काशीपुर, रुद्रपुर और धर्मपुर विधानसभा सीटें ऐसी हैं, जहां बीएलओ मैपिंग 50 प्रतिशत से भी कम हुआ है।

हमने राज्य स्तर पर प्री एसआईआर को तैयारियों के मद्देनजर शुरू किया था। इसमें 67 प्रतिशत अच्छा नतीजा रहा है। अभी इसे आगे बढ़ाएंगे ताकि अधिक से अधिक मतदाताओं की बीएलओ मैपिंग कर दी जाए।
-डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम, मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड

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