February 4, 2026

मानसून सत्र के चौथे दिन भी संसद के दोनों सदनों में विपक्ष के हंगामे के कारण गतिरोध जारी 

Delhi, 24 July 2025,

Monsoon session fourth day: संसद में बृहस्पतिवार को लगातार चौथे दिन विपक्षी दलों ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के मुद्दे पर दोनों सदनों में जोरदार हंगामा किया। जिससे आज भी लोकसभा और राज्यसभा में सदन की कार्यवाही बाधित हुई। विपक्षियों के हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा एक-एक बार के स्थगन के बाद पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गयी। दोनों सदनों में विपक्ष के कई सदस्य आसन के समक्ष आकर नारेबाजी करते रहे।

लोकसभा में कार्यवाही आरंभ होते ही विपक्षी दलों ने आसन के निकट पहुंचकर नारेबाजी की और तख्तियां लहराईं। उन्होंने बिहार में एसआईआर की कवायद पर तत्काल चर्चा की मांग करते हुए हंगामा किया। हालांकि, सदन में शोर-शराबे के बीच ही पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने प्रश्नकाल के दौरान कुछ पूरक प्रश्नों के उत्तर दिए।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आसन के समीप शोर-शराबा कर रहे विपक्षी सदस्यों से कहा, ”आपसे पहले भी कहा गया है कि प्रश्नकाल महत्वपूर्ण समय होता है। इसमें जनता के महत्वपूर्ण सवाल होते हैं। लोकसभा अध्यक्ष ने कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए कहा कि इतने पुराने राजनीतिक दल के लोग जिस तरह का व्यवहार कर रहे हैं, इसे पूरा देश देख रहा है।

वहीं राज्यसभा एक बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे जब निचले सदन की बैठक फिर शुरू हुई तो विधि और न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने विपक्षी सदस्यों से ‘गोवा राज्य विधानसभा के निर्वाचन क्षेत्रों में अनुसूचित जनजातियों के प्रतिनिधित्व का समायोजन विधेयक, 2024’ पर चर्चा में भाग लेने की अपील की। इसके बावजूद सदन में हंगामा जारी रहने पर उन्होंने कहा कि विपक्षी सदस्य एसटी के हित में भी साथ नहीं देना चाहते। पीठासीन सभापति कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने कहा, ”जब तक आप तख्तियां दिखाएंगे, सदन की कार्यवाही नहीं चलेगी। इस तरह से तख्तियां दिखाना सदन के नियमों के विरूद्ध है। इसपर सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी।राज्यसभा में उपसभापति हरिवंश ने कहा कि उन्हें विपक्ष के कुछ सदस्यों के विभिन्न विषयों पर नियम 267 के तहत कार्य स्थगन के 30 प्रस्ताव मिले हैं, जिन्हें वह पूर्व में सभापति द्वारा दी गयी व्यवस्था के अनुरूप खारिज कर रहे हैं।

इससे पहले वरिष्ठ वकील एवं न्यायविद् उज्ज्वल निकम को उच्च सदन के मनोनीत सदस्य के रूप में शपथ दिलवायी गयी।जिन सदस्यों को विदाई दी गई, उनमें एम मोहम्मद अब्दुल्ला (द्रमुक), एन चंद्रशेखरन (अन्नाद्रमुक), अन्बुमणि रामदास (पीएमके), एम षणमुगम (द्रमुक) और एम वाइको (एमडीएमके) शामिल हैं। द्रमुक सदस्य पी विल्सन का कार्यकाल भी समाप्त हुआ है लेकिन वह उच्च सदन के लिए पुन:निर्वाचित हो गए हैं।

इसके बाद जब उपसभापति ने प्रश्नकाल शुरू करने को कहा तो विपक्षी सदस्यों ने अपने-अपने मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया जिसके कारण हरिवंश ने 12 बजकर तीस मिनट पर बैठक को दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।

विपक्ष के कई सदस्यों के हंगामे के बीच अन्नाद्रमुक के एम थंबी दुरै और तेलुगु देशम पार्टी के अयोध्या रामी रेड्डी ने चर्चा में भाग लिया। किंतु हंगामे और शोरगुल के कारण इन सदस्यों की बात नहीं समझी जा सकी। 21 जुलाई को शुरू हुए संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन से संसद के दोनों सदनों में विपक्ष के हंगामे के कारण गतिरोध कायम है।

 

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