October 24, 2026

देहरादून में STPI की नई इन्क्यूबेशन फैसिलिटी शुरू, स्टार्टअप्स को मिलेगा बढ़ावा

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उत्तराखंड में तकनीकी उद्यमिता, नवाचार और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) ने देहरादून के आईटी पार्क, सहस्रधारा रोड पर अपनी नई इन्क्यूबेशन फैसिलिटी शुरू की है। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी तथा वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने इस सुविधा का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में उत्तराखंड सरकार के आईटी एवं सुशासन मंत्री प्रदीप बत्रा, कृषि मंत्री गणेश जोशी सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

नई फैसिलिटी का उद्देश्य प्रदेश के आईटी एवं आईटीईएस (IT/ITeS) इकोसिस्टम को मजबूत करना, तकनीक आधारित स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करना और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर विकसित करना है।

चार मंजिला भवन में आधुनिक सुविधाएं

करीब 30 हजार वर्ग फुट क्षेत्र में चार मंजिलों पर विकसित इस फैसिलिटी में स्टार्टअप्स और तकनीकी उद्यमों के लिए अर्ध-सुसज्जित कार्यालय, हाई-स्पीड इंटरनेट, वातानुकूलित एवं पर्यावरण-अनुकूल कार्यस्थल, ऑडिटोरियम, दो मीटिंग रूम, दो कॉन्फ्रेंस रूम और नेटवर्क ऑपरेशंस सेंटर (NOC) जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इस केंद्र के माध्यम से नए उद्यमियों को अपने व्यवसाय स्थापित करने, उत्पाद विकसित करने और कारोबार का विस्तार करने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा मिल सकेगा।

विकसित भारत के लक्ष्य में तकनीक की अहम भूमिका: जितिन प्रसाद

केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में प्रौद्योगिकी और व्यापार की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने तकनीकी आत्मनिर्भरता को मजबूत करने और विशेष रूप से सेमीकंडक्टर एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के क्षेत्र में देश की क्षमताओं को बढ़ाने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि देहरादून में STPI की नई इन्क्यूबेशन फैसिलिटी स्टार्टअप्स को सहयोग, विचारों के आदान-प्रदान और नवाचार आधारित समाधान विकसित करने के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराएगी। उत्तराखंड में 1,700 से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल से निवेश आकर्षित करने, रोजगार बढ़ाने और युवाओं की प्रतिभा को आगे लाने में मदद मिलेगी। उन्होंने काशीपुर में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर के विकास सहित इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को बढ़ावा देने के प्रयासों का भी उल्लेख किया।

देहरादून में आईटी हब बनने की क्षमता: गणेश जोशी

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए युवाओं को पारंपरिक आईटी हब से आगे बढ़कर नए क्षेत्रों में भी अवसर उपलब्ध कराने होंगे। उन्होंने कहा कि देहरादून एक प्रमुख शिक्षा केंद्र है और इसमें बेंगलुरु तथा हैदराबाद की तरह प्रमुख आईटी गंतव्य बनने की क्षमता है।

उन्होंने विश्वास जताया कि नई फैसिलिटी प्रदेश के तकनीकी इकोसिस्टम को मजबूत करने के साथ ही युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर पैदा करने में सहायक होगी।

तकनीक और उद्यमिता के लिए अनुकूल माहौल तैयार होगा: प्रदीप बत्रा

आईटी एवं सुशासन मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए केवल बुनियादी ढांचे का विकास पर्याप्त नहीं है, बल्कि सोच, आकांक्षाओं और राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्धता में भी बदलाव जरूरी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में अपार संभावनाएं हैं और STPI की नई फैसिलिटी जैसी पहलें प्रदेश में तकनीक, नवाचार और उद्यमिता के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करेंगी। इससे राज्य की प्रगति और देश के विकास को गति मिलेगी।

एक हजार सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध करा रहा उत्तराखंड

प्रदेश के आईटी सचिव पंकज पांडे ने नई फैसिलिटी को राज्य के तकनीकी इकोसिस्टम का महत्वपूर्ण विस्तार बताया। उन्होंने कहा कि इससे युवा उद्यमियों को आवश्यक बुनियादी ढांचा और सहयोग मिलेगा। सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप जैसी पहलों के माध्यम से युवाओं को अपनी विशेषज्ञता और विचारों को सफल व्यवसायों में बदलने में मदद मिलेगी।

उन्होंने बताया कि उत्तराखंड सरकार लगभग एक हजार सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराकर डिजिटल गवर्नेंस को आगे बढ़ा रही है। इन प्रयासों से डिजिटल सेवाओं का विस्तार करने, नवाचार को प्रोत्साहित करने और युवाओं के लिए नए अवसर विकसित करने में मदद मिल रही है।

52 स्टार्टअप्स का चयन, 17 को 4.25 करोड़ की सीड फंडिंग

STPI के महानिदेशक अरविंद कुमार ने कहा कि संगठन का देशव्यापी नेटवर्क स्टार्टअप्स को स्थानीय स्तर से आगे बढ़कर देशभर के निवेशकों, विशेषज्ञों और तकनीकी समाधानों तक पहुंच उपलब्ध कराता है। देहरादून की नई फैसिलिटी उभरते आईटी एवं आईटीईएस उद्यमों को व्यवसाय स्थापित करने और विस्तार करने में सहायता करेगी।

उन्होंने बताया कि नेक्स्ट जनरेशन इन्क्यूबेशन स्कीम (NGIS) के अंतर्गत आयोजित चैलेंज कार्यक्रमों के माध्यम से 52 स्टार्टअप्स का चयन किया गया है। इनमें से 17 स्टार्टअप्स को कुल 4.25 करोड़ रुपये की सीड फंडिंग दी गई है, जबकि 26 से अधिक स्टार्टअप्स को प्रत्येक 90 हजार रुपये का स्टाइपेंड प्रदान किया गया है।

उन्होंने कहा कि स्टार्टअप्स को मेंटरशिप, उद्योग जगत से जुड़ाव और साइबर सुरक्षा जैसी वास्तविक चुनौतियों के समाधान पर केंद्रित सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप के माध्यम से भी सहयोग दिया जाएगा।

मौजूदा फैसिलिटी का भी होगा विस्तार

उत्तराखंड सरकार के सहयोग से वर्ष 2001 में स्थापित STPI देहरादून राज्य में आईटी एवं आईटीईएस उद्योग को बढ़ावा देने के लिए इन्क्यूबेशन सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ STP, Non-STP और EHTP योजनाओं का संचालन कर रहा है। देहरादून के आईटी पार्क में स्थित इसकी मौजूदा इन्क्यूबेशन फैसिलिटी में लगभग 19,533 वर्ग फुट का सुपर बिल्ट-अप क्षेत्र उपलब्ध है, जिसका उपयोग कई आईटी एवं आईटीईएस इकाइयां कर रही हैं।

नई फैसिलिटी शुरू होने से तकनीकी उद्यमों के लिए उपलब्ध बुनियादी ढांचे का और विस्तार होगा। इससे सरकार, उद्योग, शिक्षा जगत और उद्यमियों के बीच सहयोग बढ़ने के साथ ही नवाचार, बौद्धिक संपदा सृजन और तकनीक आधारित आर्थिक विकास को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

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