उत्तरकाशी में अफसरों की क्लास, समय पर सेवा नहीं दी तो लगेगा जुर्माना
उत्तरकाशी। सरकार की सुशासन, भ्रष्टाचार उन्मूलन और जनसेवा की मंशा के अनुरूप उत्तरकाशी में उत्तराखंड सेवा का अधिकार अधिनियम-2011 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर एक दिवसीय ओरिएंटेशन वर्कशॉप आयोजित की गई। जनपद मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यशाला में जिला स्तरीय अधिकारियों और प्रथम अपीलीय प्राधिकारियों को अधिनियम के वैधानिक प्रावधानों, प्रक्रियाओं और जवाबदेही की जानकारी दी गई।
कार्यशाला में उत्तराखंड सेवा का अधिकार आयोग के प्रभारी मुख्य आयुक्त बीएस मनराल ने अधिकारियों को अधिनियम के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को निर्धारित समय-सीमा में सुलभ, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना प्रत्येक विभाग की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से नागरिकों को समय पर सेवाएं उपलब्ध कराने और निर्धारित प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने कहा कि आवेदनों के निस्तारण में अनावश्यक देरी अथवा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कार्मिक के खिलाफ दंड का प्रावधान है। ऐसे में सभी अधिकारी सिटीजन चार्टर के अनुरूप कार्य संस्कृति विकसित करें और लोक सेवाओं की समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित करें।
ई-सर्विस के जरिए घर बैठे मिलेगी सेवा
आयोग के उपसचिव दिनेश चंद्र वर्मा ने सरकारी सेवाओं के डिजिटाइजेशन और तकनीकी आधुनिकीकरण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ई-सर्विस पोर्टल के माध्यम से आम नागरिकों को घर बैठे त्वरित और बाधारहित सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।
उन्होंने विभागीय सेवाओं को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ने तथा निर्धारित समय-सीमा में आवेदनों का पारदर्शी तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करने के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक जानकारी दी। साथ ही डिजिटल माध्यमों के अधिकतम इस्तेमाल पर जोर दिया।
लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण के निर्देश
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने सभी अधिकारियों को आयोग के निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों का अधिक से अधिक उपयोग करते हुए लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित समाधान किया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की योजनाओं और जनसेवाओं का वास्तविक लाभ अंतिम छोर पर खड़े नागरिक तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए अधिकारियों को जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए सेवा वितरण व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाना होगा।
