उत्तराखण्ड में ‘ऑपरेशन प्रहार’ तेज, STF ने 13 संदिग्ध अपराधियों को किया चिन्हित
मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के निर्देशों के क्रम में पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ द्वारा राज्य में सक्रिय गैंग, गैंगस्टर और संदिग्ध बाहरी व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसी के तहत चलाए जा रहे सत्यापन अभियान ‘ऑपरेशन प्रहार’ में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बड़ी कार्रवाई की है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक STF अजय सिंह के नेतृत्व में सभी टीमों को अवैध रूप से रह रहे संदिग्ध विदेशी नागरिकों, घुसपैठियों, बांग्लादेशी नागरिकों, असामाजिक तत्वों और बाहरी राज्यों से आकर रह रहे संदिग्ध व्यक्तियों को चिन्हित करने के निर्देश दिए गए थे।
अभियान के दौरान STF ने ऐसे पेशेवर और संगठित अपराधियों की पहचान की, जो या तो उत्तराखण्ड की जेलों में बंद अपराधियों या उनके गैंग से जुड़े हुए हैं, या फिर अन्य राज्यों के निवासी होकर वर्तमान में उत्तराखण्ड में रह रहे हैं और जिनका आपराधिक इतिहास रहा है।
प्राप्त खुफिया जानकारी के आधार पर भविष्य में अपराध की आशंका को देखते हुए कुल 13 संदिग्ध व्यक्तियों को चिन्हित किया गया है। इन सभी से विस्तृत पूछताछ के बाद उनके डोजियर तैयार किए गए हैं।
संदिग्धों का विवरण निम्नवत हैः- 1. हरिओम राठी निवासी बागपत उत्तप्रदेश। 2. महेश सिंह उर्फ नीटू निवासी सोनीपत हरियाणा। 3. शिवम डागर निवासी बुलन्दशहर। 4. शुभम चौधरी निवासी बागपत उ.प्र. 5. विवेक कुमार उर्फ विक्की निवासी सहारनपुर. उ.प्र. 6. अभिषेक कुमार उर्फ शैंकी निवासी सहारनपुर. उ.प्र. 7. जावेद निवासी शामली उ.प्र. 8. परवेज निवासी शामली उ.प्र. 9. जाबीर निवासी शामली उ.प्र. 10. शमशेर सिहं उर्फ शेरा निवासी अमृतसर, पंजाब 11. विवेक राठौर निवासी फरूखाबाद उ.प्र. 12. जसवीर निवासी बरेली उ.प्र. 13. जितेन्द्र निवासी देवरिया उ.प्र.
STF द्वारा इन संदिग्धों की सूची राज्य के सभी जनपद प्रभारियों के साथ साझा की जा रही है, ताकि थाना और जनपद स्तर पर इन पर कड़ी निगरानी रखी जा सके। पुलिस का कहना है कि अभियान आगे भी जारी रहेगा और राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए जाते रहेंगे।
