पीपलकोटी टीएचडीसी टनल हादसा: खराब मौसम के बीच सीएम धामी ने किया रेस्क्यू ऑपरेशन का स्थलीय निरीक्षण
चमोली जिले के मायापुर (पीपलकोटी) स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में मलबा और पानी भरने की घटना के बाद राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। टनल में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना और अन्य संबंधित एजेंसियां युद्धस्तर पर जुटी हुई हैं। अब तक 13 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है, जबकि शेष श्रमिकों को बाहर निकालने के प्रयास जारी हैं।
घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी गौरव कुमार मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन की कमान संभाल रहे अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने सभी टीमों को आपसी समन्वय के साथ तेजी से राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए। घटनास्थल पर आवश्यक संसाधन और व्यवस्थाएं भी जुटाई जा रही हैं।
जिलाधिकारी गौरव कुमार
वहीं, देर रात देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा परिचालन केंद्र से टनल हादसे को लेकर चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन की उच्चस्तरीय समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से अभियान की ताजा स्थिति की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि टनल में फंसे प्रत्येक श्रमिक को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हर संभव प्रयास किया जाए। उन्होंने रेस्क्यू अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने और सभी जरूरी संसाधन तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने रेस्क्यू किए गए घायल श्रमिकों से बातचीत कर उनका हालचाल भी जाना। उन्होंने अधिकारियों को घायलों के बेहतर उपचार और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
शुक्रवार को बेहद खराब मौसम के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पीपलकोटी पहुंचे। प्रतिकूल मौसम के कारण हेलीकॉप्टर की लैंडिंग भी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में हुई। मुख्यमंत्री अब घटनास्थल पर पहुंचकर टनल में चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन का स्थलीय निरीक्षण करेंगे और मौके पर मौजूद प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ सहित सभी संबंधित एजेंसियों से अभियान की प्रगति की जानकारी लेंगे।
मुख्यमंत्री रेस्क्यू किए गए घायल श्रमिकों से भी मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जानेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया है कि टनल में फंसे प्रत्येक श्रमिक को सुरक्षित बाहर निकालना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी संबंधित एजेंसियों को पूरी तत्परता, आपसी समन्वय और उपलब्ध संसाधनों के साथ राहत एवं बचाव अभियान जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है और रेस्क्यू ऑपरेशन की हर गतिविधि की निगरानी की जा रही है।
