राजकीय महाविद्यालयों में होगा प्रवेशोत्सव, छात्रों को एनसीसी-एनएसएस और रोवर रेंजर्स से जोड़ा जाएगा
उत्तराखंड के सभी राजकीय महाविद्यालयों में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत पर प्रवेशोत्सव आयोजित किया जाएगा। इसमें नव प्रवेशित छात्र-छात्राओं का स्वागत कर उन्हें उच्च शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके साथ ही महाविद्यालयों में एनसीसी, एनएसएस और रोवर रेंजर्स की इकाइयां स्थापित करने की दिशा में भी काम किया जाएगा, ताकि प्रत्येक छात्र-छात्रा को इनमें से किसी न किसी गतिविधि से जुड़ने का अवसर मिल सके।
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अपने शासकीय आवास पर विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रवेशोत्सव में नए विद्यार्थियों का भव्य स्वागत किया जाए, जिससे उनमें उच्च शिक्षा प्राप्त करने के प्रति विश्वास और उत्साह पैदा हो।
डॉ. रावत ने बताया कि मानक पूरे करने वाले राजकीय महाविद्यालयों में एनसीसी, एनएसएस अथवा रोवर रेंजर्स में से कम से कम एक इकाई स्थापित की जाएगी। विद्यार्थियों को इन इकाइयों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए सभी महाविद्यालयों में नशा मुक्ति अभियान और कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।
इसके अलावा विकसित भारत-2047 की थीम पर विभिन्न विषयों को लेकर गोष्ठियां आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। उच्च शिक्षा मंत्री ने विभागीय निदेशक को सभी राजकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने को कहा।
श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के महाविद्यालयों की समीक्षा
बैठक में डॉ. रावत ने अपने विधानसभा क्षेत्र श्रीनगर के पाबौं, खिर्सू, थलीसैंण, मजरा महादेव, उफरैंखाल और व्यावसायिक महाविद्यालय बनास पैठाणी समेत आधा दर्जन राजकीय महाविद्यालयों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान भवन निर्माण, शैक्षणिक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की स्थिति, पुस्तकालय, प्रयोगशालाओं, फर्नीचर, बिजली, पेयजल, खेल मैदान और खेल सामग्री सहित विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई।
उन्होंने अधिकारियों और प्राचार्यों को सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा कराने के निर्देश दिए। साथ ही नव निर्मित छात्रावासों में इसी शैक्षणिक सत्र से छात्र-छात्राओं के रहने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
डॉ. रावत ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य समय पर पूरा नहीं करने वाली कार्यदायी संस्थाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी राजकीय महाविद्यालयों के नए भवनों की छतों पर सोलर पैनल लगाने के निर्देश भी दिए।
इसके अलावा महाविद्यालय परिसरों में शौर्य दीवार के साथ मां सरस्वती और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा स्थापित करने के निर्देश दिए गए। सरकार का उद्देश्य महाविद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक माहौल के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक गतिविधियों और सुविधाओं को मजबूत करना है।
