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August 16, 2026

एसआईआर; भारतीय नागरिकता वाले नेपाल के लोगों को देना होगा प्रमाणपत्र, यह व्यवस्था की गई

उत्तराखंड में निवास कर रहे नेपाल निवासियों को भारत की नागरिकता होने की सूरत में ही एसआईआर में शामिल होने का मौका मिलेगा। तब उन्हें चुनाव आयोग के समक्ष अपना नागरिकता का प्रमाण और जन्मतिथि का प्रमाण देना होगा।प्रदेश के चंपावत, पिथौरागढ़ से लेकर देहरादून तक नेपाल का उत्तराखंड से रोटी-बेटी का रिश्ता है।

तमाम बेटियां ऐसी हैं जो नेपाल से ब्याहकर उत्तराखंड में आईं। तमाम लोग ऐसे हैं जो कि वर्षों से यहां निवास कर रहे हैं और उनके बच्चों का जन्म यहीं हुआ है। सवाल उठ रहा है कि चुनाव आयोग के एसआईआर में इनके लिए क्या व्यवस्था होगी।

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे का कहना है कि भारत में बाहरी देशों से आए लोगों के मतदाता बनने के लिए यहां की नागरिकता होनी जरूरी है। जो वर्तमान वोटर लिस्ट में हैं, उनका वोट नागरिकता के आधार पर बना होगा।

एसआईआर के इन्म्यूरकेशन फॉर्म के साथ प्रमाण उपलब्ध कराने होंगे
जिनके पास नागरिकता नहीं, उनका वोट नहीं बनेगा। उन्होंने बताया कि नेपाल मूल के जो लोग यहां के नागरिक बन चुके हैं और 2003 में यहां वोटर नहीं थे तो उन्हें एसआईआर के दौरान नागरिकता और जन्मतिथि का प्रमाण देना होगा।

जोगदंडे ने बताया कि उनका बीएलओ मैपिंग तो नहीं हो पाएगा लेकिन एसआईआर के इन्म्यूरकेशन फॉर्म के साथ उन्हें ये प्रमाण उपलब्ध कराने होंगे। इसके आधार पर ही उनके वोट का फैसला होगा। कहा, अगर किसी नेपाली मूल के भारतीय मतदाता को एसआईआर का ड्राफ्ट रोल प्रकाशित होने के बाद नोटिस आएगा तो उन्हें भी यह प्रमाण देना होगा।

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