सोमनाथ को 16 बार तोड़ा गया, 16 बार फिर से बनाया गया और इसे तोड़ने वाले कहीं गुम हो गए,सोमनाथ की सनातन की ध्वजा आज भी लहरा रही है: अमित शाह,
Uttrakhand 21 January 2026,
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज उत्तराखंड के ऋषिकेश में गीता प्रेस द्वारा प्रकाशित मासिक पत्र ‘कल्याण’ के शताब्दी अंक के विमोचन समारोह को संबोधित किया। केन्द्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि, उनके 11 साल के कार्यकाल में हमारे युवाओं में एक बहुत बड़ा गुणात्मक परिवर्तन आया है। उन्होंने कहा कि 550 साल बाद रामलला का एक गगनचुंबी मंदिर अयोध्या में बन चुका है। औरंगजेब द्वारा तोड़ा गया काशी विश्वनाथ कॉरीडोर पूरी दुनिया को संदेश देता है कि तोड़ने वालों से श्रद्धा की ताकत बहुत बड़ी होती है। श्री शाह ने कहा, सोमनाथ मंदिर को तोड़े हुए एक हजार साल हुए हैं औऱ भारत सरकार पूरा वर्ष सोमनाथ स्वाभिमान वर्ष के रूप में मनाने जा रही है। सोमनाथ को 16 बार तोड़ा गया और इसे 16 बार फिर से बनाया गया है और इसे तोड़ने वाले गज़नी, खिलजी आदि सब कहीं गुम हो गए लेकिन सोमनाथ की सनातन की ध्वजा आज भी लहरा रही है। श्री शाह ने कहा कि कश्मीर से धारा 370 हट गई, महाकालेश्वर का कॉरिडोर बना, केदारनाथ का पुनर्रूद्धार किया गया, बद्रीधाम का स्ट्रेच पूरा हो चुका है। देशभर में 35 से अधिक तीर्थों की पुनर्जागृति और महिमामंडन पर विचार हो रहा है।

श्री शाह ने कहा कि गीता प्रेस मुनाफे के लिए नहीं बल्कि पीढ़ियों का निर्माण करने के लिए चलती है। स्वावलंबी तरीके से सद्साहित्य को करोड़ों लोगों तक पहुंचाने का काम गीता प्रेस ने किया है। उन्होंने कहा कि हनुमान प्रसाद पोद्दार जी ने गीता प्रेस के माध्यम से लगभग 103 वर्षो से सनातन धर्म की लौ को ताकत देने का काम किया है। उन्होंने करोडों लोगों को भक्ति के माध्यम से आध्यात्म की ओर प्रेरित किया और इस रास्ते पर चलते हुए मोक्ष तक का रास्ता प्रशस्त किया। श्री शाह ने कहा कि पोद्दार जी ने सब कुछ छोड़कर अपना पूरा जीवन गीता प्रेस को समर्पित किया। पोद्दार जी ने गीता प्रेस के माध्यम से हर व्यक्ति और परिवार के हृदय में भारतीय संस्कृति के प्रति अटूट श्रद्धा निर्मित करने का काम किया है।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने लक्ष्मीनारायण मंदिर एवं मां गंगा के दर्शन और पूजन भी किया। इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
