February 3, 2026

राज्य विश्वविद्यालयों को मिला समर्थ पोर्टल का सम्पूर्ण नियंत्रण

भारत सरकार द्वारा तैयार उच्च शिक्षा के एकीकृत समर्थ पोर्टल के संचालन का अधिकार राज्य विश्वविद्यालयों को पूर्ण रूप से सौंप दिया गया है। इस संबंध में शासन द्वारा आदेश जारी कर दिया गया है। अब राज्य विश्वविद्यालय अपने-अपने स्तर पर छात्र-छात्राओं के प्रवेश, परीक्षा व अन्य शैक्षिक गतिविधियां सम्पादित कर सकेंगे। जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विश्वविद्यालय के कुलपति व कुलसचिव को सौंपी गई है।

सूबे के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के निर्देशों के उपंरात समर्थ पोर्टल के संचालन की सम्पूर्ण जिम्मेदारी तत्काल प्रभाव से राज्य विश्वविद्यालयों कुमाऊं विश्वविद्यालय, नैनीताल, श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय, टिहरी तथा सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा को सौंप दी गई है। अब राज्य विश्वविद्यालय सम्बद्ध राजकीय महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालय परिसरों में स्नातक एवं स्नातकोत्तर कक्षाओं में प्रवेश एवं परीक्षा से लेकर विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियां अपने स्तर से संचालित कर सकेंगे। अभी तक समर्थ पोर्टल का संचालन शासन स्तर पर राज्य समर्थ टीम (एनईपी-पीएमयू) के द्वारा किया जा रहा था लेकिन इससे छात्र-छात्राओं को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। शासन स्तर से जारी आदेश के तहत सभी राज्य विश्वविद्यालय के द्वारा समर्थ पोर्टल के सभी मॉडयूल के संचालन को समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। पोर्टल संबंधी संचालन की सारी जिम्मेदारी संबंधित विश्वविद्यालय के कुलपति व कुलसचिव की होगी, जो किसी भी प्रकार से अन्य को हस्तगत नहीं की जायेगी। प्रत्येक माह पोर्टल की समीक्षा की जायेगी जिसकी रिपोर्ट शासन को आवश्यक रूप से सौंपी जायेगी। छात्र-छात्राओं के प्रवेश हेतु पोर्टल खोलने से पहले विश्वविद्यालय सात दिन पहले इसकी सूचना अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड करेगा साथ ही सामाचार पत्रों व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया माध्यामों के जरिये इसका प्रचार-प्रसार भी करेगा। इसके अलावा इस संबंध में शासन को भी अवगत कराया जायेगा। उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में समर्थ पोर्टल का ही प्रयोग किया जायेगा। विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में पूर्व से संचालित समस्त ईआरपी/पोर्टल का डाटा 31 मार्च 2026 तक समर्थ पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड किया जायेगा इसके उपरांत समर्थ पोर्टल के अतिरिक्त किसी भी दशा में कोई भी ईआरपी/पोर्टल का संचालन नहीं की जायेगी और न ही इस संबंध में कोई भुगतान किया जायेगा।

शासन स्तर से जारी आदेश के तहत सभी राजकीय एवं निजी विश्वविद्यालयों को अपना एकेडमिक कैलेण्डर तैयार कर उसे आगामी 31 मई 2026 तक अपनी कार्यपरिषद से अनिवार्य रूप से अनुमोदित कराना होगा तदोपरांत आगामी सत्र के प्रवेश, परीक्षा एवं अन्य प्रक्रियाएं सम्पादित की जायेगी। विश्वविद्यालय द्वारा प्रत्येक सेमेस्टर में प्रवेश के उपरांत छात्र-छात्राओं की कक्षाओं का संचालन 90 दिवस तथा 75 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जायेगी, जिसका डाटा समर्थ पोर्टल पर अपलोड़ करना अनिवार्य होगा। जबकि निजी विश्वविद्यालयों में समर्थ मॉड्यूल लागू होने तक छात्रों की उपस्थिति संबंधित ईआरपी पर अपलोड़ की जायेगी, जिसकी जानकारी शासन को उपलब्ध कराई जायेगी। छात्रों की उपस्थिति व कक्षाओं के संचालन मानक पूर्ण न होने की दशा में छात्रों को किसी भी दशा में परीक्षा में बैठने की अनुमति कतई भी नहीं दी जायेगी। उक्त आदेशों को सुनिश्चित करने के लिये संबंधित विश्वविद्यालयों के कुलपति, कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक, संबंधित संस्थान के प्राचार्य/निदेशक एवं उच्च शिक्षा निदेशक जिम्मेदार होंगे।

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright2017©Spot Witness Times. Designed by MTC, 9084358715. All rights reserved. | Newsphere by AF themes.