भारत के लाखों सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की नौकरी एआई की वजह से खतरे में है ,सरकार ने इसका बजट में कोई प्रावधान नहीं किया:राहुल गांधी,
Delhi , 11 February 2026,
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को बजट-2026 पर चर्चा में अपने संबोधन में मार्शल आर्ट में ग्रिप के महत्व का उद्धरण पेश करते हुए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मार्शल आर्ट में ग्रिप और चोक बहुत महत्वपूर्ण होता है। उसी तरह से राजनीति में भी ग्रिप होती है लेकिन वह दिखती नहीं। राहुल ने कहा बजट में दूरदृष्टि का अभाव है। आज दुनिया एआई के दौर में प्रवेश कर चुकी है और नौकरियों पर भारी संकट है। इस बजट में उस पहलू पर ध्यान ही नहीं दिया गया। हमारे लाखों सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की नौकरी इस वजह से खतरे में हैं। एआई के खतरों को देखते हुए भी सरकार ने बजट में कोई प्रावधान नहीं किया है।’ उन्होंने एआई के संभावित खतरों का जिक्र करते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की एक खतरनाक दुनिया दिख रही है। बजट में उसका कहीं जिक्र ही नहीं किया गया है। उन्होंने डेटा की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आज भारत के पास डेटा है। अमेरिका को भारत का यही डेटा चाहिए। उसे अपने डॉलर के बचाने के लिए डेटा चाहिए।
सदन में राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर सवाल उठाते हुए कहा कि अमेरिका की शर्तों पर डील करना शर्मनाक है। पूरी दुनिया ने देखा कि किस तरह अमेरिका ने भारत को अपनी शर्तें मानने के लिए मजबूर की हैं। नेता विपक्ष ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, ‘अमेरिका की शर्तों पर डील करना हर भारतीय के लिए शर्मनाक है। देश को सरकार ने बेच दिया।’ उनके ऐसा कहने पर सत्ता पक्ष के सांसदों ने तीखी प्रतिक्रिया भी दी
राहुल गांधी ने दावा किया कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील में देश के किसानों के हितों को कुचल दिया गया, जैसा आज से पहले किसी प्रधानमंत्री ने नहीं किया और आगे भी कोई नहीं करेगा। राहुल गांधी ने कहा, ”अमेरिका और चीन के बीच मुकाबले में सबसे महत्वपूर्ण बात भारत का डेटा है। अगर अमेरिका महाशक्ति बने रहना चाहता है और डॉलर की रक्षा करना चाहता है तो अमेरिकियों के लिए भारत का डेटा बहुत महत्वपूर्ण है।
कांग्रेस नेता राहुल ने कहा कि भारत को पाकिस्तान के बराबर नहीं खड़ा किया जा सकता। और नहीं पाकिस्तान से भारत की तुलना की जा सकती है। राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि भारतीय उत्पादों पर अमेरिका में शुल्क पहले तीन फीसदी के आसपास था, जो अब 18 फीसदी हो गया है यानी छह गुना बढ़ोतरी हो गई है। उन्होंने कहा, ”अमेरिकी उत्पादों पर शुल्क 16 फीसदी से शून्य कर दिया गया।
