कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ एक गर्भवती महिला पत्रकार को धक्का देने के आरोप वाली याचिका पर 26 या 27 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई
Delhi 16 October 2026,
चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री परिसर में कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा एक गर्भवती महिला पत्रकार को धक्का देने के आरोप वाली याचिका पर सुनवाई की और इसे 26 या 27 अक्टूबर के लिए सूचीबद्ध किया है।

इंडिया गठबंधन ने 12 अक्टूबर 2026 को चुनाव आयोग की मतदाता सूची के एसआईआर से जुड़ी प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक एक मार्च निकाला गया था, जिसका नेतृत्व राहुल गांधी कर रहे थे। एक महिला पत्रकार का आरोप है कि सुप्रीम कोर्ट की सीढ़ियों पर सवाल पूछने की कोशिश के दौरान राहुल गांधी और उनके सुरक्षाकर्मियों ने उनके साथ धक्का-मुक्की की, जिससे वह गिर गईं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
बीजेपी प्रवक्ता और वरिष्ठ वकील गौरव भाटिया व प्रदीप भंडारी ने वीडियो का हवाला देते हुए दावा किया कि राहुल गांधी ने गर्भवती महिला पत्रकार को धक्का दिया और कोहनी मारी। इस मौखिक दलील पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेने से मना कर दिया था और औपचारिक आवेदन दाखिल करने को कहा था। इसके बाद राहुल गांधी के विरुद्ध पीड़िता द्वारा सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई।आज औपचारिक याचिका दाखिल होने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस पर 26 या 27 अक्टूबर को सुनवाई करने पर सहमति जताई है।
गर्भवती पत्रकार द्वारा लगाए गए आरोपों पर कांग्रेस और इंडिया गठबंधन ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस ने राहुल गांधी के खिलाफ लगाए गए इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें भारतीय जनता पार्टी का “राजनीतिक दुष्प्रचार” करार दिया है। कांग्रेस पार्टी ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया कि राहुल गांधी या उनके दल के किसी भी सदस्य ने किसी को कोई धक्का नहीं दिया। पार्टी का कहना है कि उस समय सुप्रीम कोर्ट परिसर में भारी भीड़ और अफरा-तफरी का माहौल था। कांग्रेस नेताओं और समर्थकों ने सोशल मीडिया पर विरोध प्रदर्शन के दौरान के अन्य वीडियो साझा किए। उनका दावा है कि फुटेज में ऐसा कहीं भी नहीं दिख रहा है कि राहुल गांधी ने पत्रकार को जानबूझकर या सीधे तौर पर धक्का दिया हो।
