ग्रामीणों ने चंदा इकट्ठा कर खुद किया सड़क निर्माण शुरू, रोकने पहुंची वन विभाग की टीम से तीखी नोकझोंक
पोखरी विकास खंड का डुंगर गांव सड़क सुविधा से दूर है। वर्षों से मांग अनसुनी रहने पर ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर खुद सड़क बनानी शुरू की, लेकिन वन विभाग ने काम रुकवा दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने अधिकारियों के साथ तीखी नोकझोंक हुई।
गांव ब्रिटिश शासनकाल में राय बहादुर की उपाधि पाने वाले स्वर्गीय डॉ. पातीराम परमार का है। ग्रामीणों ने बताया कि वे वर्षों से सड़क की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मजबूरी में ग्रामीणों ने आपस में चंदा इकट्ठा किया और खुद सड़क बनाने का काम शुरू कर दिया।
सूचना मिलने पर अलकनंदा भूमि संरक्षण वन प्रभाग की नागनाथ रेंज टीम मौके पर पहुंची। वन क्षेत्राधिकारी बी.एल. शाह ने कहा कि बिना अनुमति सड़क कटिंग का काम किया जा रहा है, जो वन कानून के खिलाफ है। वन विभाग के पहुंचते ही ग्रामीणों और कर्मचारियों के बीच नोकझोंक हो गई। फिलहाल सड़क निर्माण कार्य रोक दिया गया है।
-गांव आज भी सड़क से वंचित है। मजबूरी में ग्रामीणों ने खुद काम शुरू किया, लेकिन अब कार्रवाई से परेशानी और बढ़ गई है। -दीक्षा बर्तवाल, ग्राम प्रधान, डुंगर
