June 24, 2026

केन्द्रीय कोयला मंत्रालय ने है कि, महाजेनको पर लगभग 2390 करोड़ रुपये बकाया होने के बावजूद महाराष्ट्र की कोयले की आवश्यकता को पूरा किया जा रहा है।

देहरादून 17 अप्रैल 2022,

दिल्ली : मीडिया द्वारा महाराष्ट्र सरकार को कोयला की आपूर्ति आवश्यकता के अनुरूप नहीं किये जाने के आरोप पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कोयला मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि महाराष्ट्र सरकार को इस साल मार्च की तुलना में वर्तमान में अधिक कोयला की आपूर्ति की गई है।

वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान महाराष्ट्र के थर्मल विद्युत संयंत्रों (टीपीपी) को 70.77 मिलियन टन (एमटी) कोयले की आपूर्ति की गई। कोयला मंत्रालय ने यह भी कहा कि बिजली की मांग में वृद्धि के साथ थर्मल संयंत्रों को कोयले की आपूर्ति बढ़ रही है। मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2022 में महाराष्ट्र के बिजली संयंत्रों को कोयले की आपूर्ति 2.14 लाख टन प्रतिदिन थी। इसे इस महीने/अप्रैल 11.04.2022 तक बढ़ाकर 2.76 लाख टन प्रतिदिन कर दिया गया है।

महाजेनको को 2021-22 में 37.131 मीट्रिक टन कोयले की आपूर्ति की गई है। 22 मार्च को महाराष्ट्र को रोजाना कोयले की आपूर्ति 0.96 लाख टन प्रतिदिन थी, जिसे अप्रैल में (11.04.22 तक) बढ़ाकर 1.32 लाख टन प्रतिदिन कर दिया गया है।

केन्द्रीय कोयला मंत्रालय ने है कि, महाजेनको पर लगभग 2390 करोड़ रुपये बकाया होने के बावजूद महाराष्ट्र की कोयले की आवश्यकता को पूरा किया जा रहा है।

 

 

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