July 2, 2026

टूरिस्टों के लिए आज से खुला राजाजी नेशनल पार्क।

देहरादून, देश में कोरोना महामारी फैलने के बाद से सभी स्थलों व पार्क को बंद कर दिया गया था। अब कोरोना संक्रमण के घटते प्रभाव के चलते धीरे धीरे देश में पाबंदियां हटाई जा रही हैं और सब कुछ पहले जैसा करने की कोशिश की जा रही है। इसी के चलते राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने भी राजाजी नेशनल पार्क खोलने की मंजूरी दे दी है। 15 नवंबर को पर्यटकों के लिए राजाजी नेशनल पार्क खुल गया है वीसी। आज शुरुवात में जीप चालकों एवम वन विभाग के बीच किराए को लेकर विवाद चला परंतु काफी देर बाद विवाद सुलझा एवम पार्क के आधे तक ही सैलानियों को सफारी कराई गई। बता दें कि कुछ समय पहले बिना परमिशन के राजाजी नेशनल पार्क के तीन गेट सफारी के लिए खोल दिए गए थे जिसके बाद एनटीसीए ने यहां पर्यटन पर प्रतिबंध लगा दिया था।

जीप सफारी चालक एवम वन विभाग के विवाद के बीच सैलानी पार्क का गेट खुलने के इंतजार में।

बता दें कि अभी चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन को अपने स्तर से इसके आदेश करने हैं। वहीं राजाजी पार्क निदेशक डीके सिंह ने बताया कि चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन ने बिना परमिशन के एक अक्टूबर से मोतीचूर और चीला गेट खोल दिए थे. जिसके बाद यह गेट, एनटीसीए तक पहुंची तो एनटीसीए ने तीन दिन बाद ही ये गेट बंद करने के आदेश दिए थे. इतना ही नहीं अग्रिम आदेशों तक वहां किसी भी तरह की पर्यटन गतिविधियां प्रतिबंधित रखने को भी कहा गया था।

एनटीसीए के राजाजी नेशनल पार्क को बंद करने के आदेश के बाद से यह बंद था और यहां पर्यटकों को आने पर भी प्रतिबंध था। ऐसे में 15 नवंबर से तय समय पर भी गेट नहीं खुल सकते थे. इसके लिए एनटीसीए से तय समय पर गेट खोलने की परमिशन मांगी गई थी। जिसके बाद एनटीसीए ने परमिशन दे दी है. साथ में एनटीसीए ने कोई नया गेट ना खोलने की भी हिदायत भी दी है। बता दें कि अब 15 नंवबर से चीला, मोतीचूर,रानीपुर, मोहंड और आशारोडी गेट पर्यटकों के लिए खोल दिए गए हैं परंतु अभी आधे पार्क में ही सैलानियों को लेजाया जा रहा है। पर्यटकों के लिए पार्क में तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।

पार्क में ली गई कुछ मनोहारी तस्वीरें।

जंगली सुकर
जंगली सुकर।
सूर्य अस्त का मनोहारी दृश्या।
जीप सफारी का लुत्फ लेते सैलानी।

 

प्रवासी पक्षी गंगा नदी में।
पार्क में जाने का जीप सफारी रास्ता।
बच्चो ने भी लिया पहले दिन जंगल सफारी का आनंद ।
हिरन सतर्कता से घास चरते हुए।

 

 

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