पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: बीजेपी टीएमसी में खड़ा मुकाबला: 4 मई को होगी मतगणना
West Bengal 03 April 2026,
पश्चिम बंगाल विधानसभा के आम चुनाव के लिए डाले गए मत पत्रों की गणना कल सुबह 4 मई सोमवार सुबह से शुरू की जाएगी। इन नतीजों का हर कोई बेसब्री से इंतजार कर रहा है। भारतीय जनता पार्टी बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस टीएमसी ने अपनी पूरी ताकत इस चुनाव में झोंक दी है। कांग्रेस और वामपंथी पार्टियों ने अपने प्रत्याशी उतार कर चुनाव मैं भागीदारी की है। यदि पश्चिम बंगाल में त्रिशंकु विधानसभा के चुनाव परिणाम आते हैं। तब शायद इन पार्टियों की भूमिका अहम् हो सकती है।
पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजों को लेकर आए लगभग सभी एग्जिट पोल्स ने इस बार ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस और मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर का अनुमान लगाया गया है। दोनों पार्टी के बीच में बेहद गरीबी कड़ी टक्कर है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार हार जीत का अंतर करीब 10 सीटों के बीच में रहने का अनुमान लगाया जा रहा है।
पश्चिम बंगाल में कुल 294 विधानसभा सीटें हैं। और किसी भी पार्टी को सरकार बनाने के लिए 148 सीटों की जरूरत होगी।करीब सभी प्रमुख सर्वे में मुकाबला इतना कांटे का दिख रहा है कि बहुमत के आंकड़े 148 के आसपास दोनों दलों टीएमसी और बीजेपी के बीच सीधी टक्कर बन गई है। ऐसी स्थिति है कि महज 5 से 10 सीटों का उतार-चढ़ाव ही राज्य की सत्ता का फैसला करने वाला है। स्पष्ट जनादेश नहीं आने की स्थिति में पश्चिम बंगाल में त्रिशंकु विधानसभा की संभावना भी दिखाई दे रही है। अधिकतर एग्जिट पोल्स बीजेपी को 140 से 165 सीटों के बीच और टीएमसी को 125 से 150 सीटों के बीच अनुमान लगा रहे हैं। यानी दोनों ही पार्टियां बहुमत के करीब तो हैं, लेकिन बहुमत का आंकड़ा प्राप्त करने की स्थिति स्पष्ट नजर नहीं आ रही है। बता दें कि एग्जिट पोल केवल संकेत होते हैं और कई बार तो ये वास्तविक नतीजों से बिलकुल उलट साबित होते रहे हैं। हरियाणा विधानसभा दिल्ली विधानसभा और बिहार विधानसभा में यह स्थिति देखने को मिली है।
दोनों पार्टियों के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बने पश्चिम बंगाल विधानसभा के यह चुनाव परिणाम पश्चिम बंगाल का भविष्य तय करेगा, बल्कि 2029 के लोकसभा चुनाव की दिशा भी तय करेगा। अगर ममता बनर्जी हारती हैं, तो यह विपक्षी एकता के लिए बड़ा धक्का होगा। और अगर वे जीतती हैं, तो वे राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के खिलाफ सबसे शक्तिशाली चेहरा बनकर उभरेंगी। इसके उलट भारतीय जनता पार्टी को विजय श्री मिलती है, तो भाजपा पश्चिम बंगाल में पहली बार सत्ता में काबिज होकर केसरिया लहरायेगा।
