May 3, 2026

सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम’

Dehradun 03 April 2026,

आपातकालीन स्थितियों में जल्दी से जल्दी हर नागरिक को आवश्यक सूचना उपलब्ध कराने के लिए भारत सरकार ने सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। भारत सरकार का ‘सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम’ एक स्वदेशी, अत्याधुनिक तकनीक है जो बाढ़, भूकंप, सुनामी या गैस रिसाव जैसी आपातकालीन स्थितियों में भौगोलिक रूप से लक्षित क्षेत्रों के लोगों को सीधे मोबाइल पर तत्काल चेतावनी भेजती है। यह सिस्टम, जो सी-डॉट द्वारा विकसित किया गया है, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एनडीएमए के सहयोग से काम करता है और बिना इंटरनेट के भी काम कर सकता है।

वायरलेस इमरजेंसी अलर्ट्स पर क्लिक करें।

इमरजेंसी एलर्ट हिस्ट्री में जाकर पुनः मैसेज को पढ़ा जा सकता है।

सेल ब्राडकास्ट तकनीक की प्रमुख विशेषताएं

भू-लक्षित (केवल प्रभावित क्षेत्र में अलर्ट)

* कुछ ही सेकेंड में लाखों लोगों तक सूचना ।

* स्थानीय भाषा में संदेश, ताकि हर व्यक्ति समझ सके।

* बिना रजिस्ट्रेशन स्वतः प्राप्त होगा अलर्ट ।

* मोबाइल नेटवर्क से जुड़े हर व्यक्ति तक स्वतः अलर्ट पहुंचेगा।

आपके लिए क्यों जरूरी?

समय पर चेतावनी आपको सुरक्षित स्थान पर पहुंचने का मौका देती है।

सही जानकारी से आप घबराहट की बजाय सही निर्णय ले सकते हैं।

आपके साथ-साथ आपका परिवार और समाज भी सुरक्षित रहता है।

* नुकसान को कम करने में यह तकनीक जीवन रक्षक भूमिका निभाएगी।

अलर्ट मिलने पर क्या करें?

* मोबाइल पर आने वाले किसी भी आपदा अलर्ट को नजरअंदाज न करें।

संदेश को ध्यानपूर्वक पढ़ें और दिए गए निर्देशों का पालन करें।

अपने परिवार, पड़ोसियों और ग्रामीण समुदाय को भी जागरूक करें।

अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें।

याद रखें, हर अलर्ट आपके जीवन की रक्षा के लिए है।

आपदा सुरक्षित उत्तराखण्ड के निर्माण में सहभागी बनें।

उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जनहित में जारी।

अब हर आपदा की चेतावनी सीधे आपके मोबाइल पर ! सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक आपकी सुरक्षा का नया साथी

क्या है सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक ?

* यह भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक अत्याधुनिक आपदा चेतावनी प्रणाली है।

* बिना किसी ऐप डाउनलोड किए या इंटरनेट के, सीधे आपके मोबाइल पर अलर्ट भेजे जाते हैं।

* प्रभावित क्षेत्र में मौजूद हर व्यक्ति तक एक साथ और तुरंत सूचना पहुंचती है।

* यह तकनीक आपातकालीन स्थितियों में तेजी, सटीकता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करती है।

किन आपदाओं की मिलेगी चेतावनी ?

* भारी वर्षा, बादल फटना, आकाशीय बिजली, वनाग्नि, हिमस्खलन, तूफान / चक्रवात, बाढ़ / फ्लैश फ्लड, भूस्खलन आदि।

कैसे काम करती है यह प्रणाली?

SACHET (CAP आधारित प्लेटफॉर्म) के माध्यम से संचालित

वैज्ञानिक संस्थानों जैसे-

* भारत मौसम विभाग (IMD)

* डी.जी.आर.ई.

* भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण

* वन सर्वेक्षण

द्वारा जारी पूर्वानुमान सीधे सिस्टम में फीड किए जाते हैं

इसके बाद अलर्ट आपके मोबाइल पर इस प्रकार पहुंचता है।कैसे पहुंचता है अलर्ट?

* आपके मोबाइल में तेज अलार्म ध्वनि बजेगी।

* मोबाइल में वाइब्रेशन होगा।

* स्क्रीन पर पॉप-अप मैसेज आएगा। यह कुछ देर आपके फोन पर दिखेगा।

* उक्त मैसेज को पुनः देखने के लिए सेटिंग्स में जाएं।

* नोटिफिकेशंस के एडवांस सेटिंग्स में जाएं।

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