Delhi 01 May 2026,
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा द्वारा पवन खेड़ा के खिलाफ दर्ज मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी है। लेकिन इसके साथ कुछ सख्त शर्तें भी तय की गई हैं। 30 अप्रैल 2026 को हुई सुनवाई के बाद जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस स. चंदुरकर की पीठ ने फैसला सुरक्षित कर लिया था थ बाद में अदालत ने अपना आदेश सुनाते हुए खेड़ा को जमानत दे दी।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि किसी भी व्यक्ति की व्यक्तिगत स्वतंत्रता को हल्के में नहीं लिया जा सकता। यह अधिकार अनुच्छेद 21 के तहत सुरक्षित है। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में स्वतंत्रता से समझौता करना उचित नहीं होगा। कोर्ट ने पवन खेड़ा को जांच में पूरी तरह सहयोग करने का निर्देश दिया है उन्हें जब भी पुलिस पूछताछ के लिए बुलाएगी, थाने हाजिर होना पड़ेगा। इसके अलावा वे मामले से जुड़े किसी भी सबूत के साथ छेड़छाड़ नहीं करेंगे. गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश नहीं करेंगे. साथ ही कोर्ट की अनुमति के बिना देश छोड़कर नहीं जा सकेंगे
क्षक्षक्षश्र सुप्रीम कोर्ट ने यह भी साफ किया कि ट्रायल कोर्ट यदि जरूरी समझे तो अपनी ओर से कुछ और शर्तें भी जोड़ सकता है. अदालत ने स्पष्ट किया कि जमानत देते समय की गई टिप्पणियां केस के अंतिम फैसले को प्रभावित नहीं करेंगी और निचली अदालत कानून के हिसाब से अपनी कार्यवाही जारी रखेगी।
पवन खेड़ा ने असम की निचली अदालत और गुवाहाटी हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन गुवाहाटी हाई कोर्ट पवन खेड़ा की याचिका खारिज कर दी। इसके बाद उन्हें सुप्रीम कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। इससे पहले तेलंगाना हाईकोर्ट ने उन्हें एक हफ्ते की ट्रांजिट बेल दी थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उस पर रोक लगा दी थी और खेड़ा को अग्रिम जमानत के लिए गुवाहाटी हाईकोर्ट जाने को कहा था। अब सुप्रीम कोर्ट ने जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए।
