उत्तराखंड में 100 दिवसीय नशामुक्ति महाभियान शुरू, नशे के खिलाफ जागरूकता की मशाल थामेंगी प्रदेश की बेटियां
युवाओं को नशे की लत से दूर रखने और उन्हें सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने के उद्देश्य से उत्तराखंड में 100 दिवसीय नशामुक्ति महाभियान शुरू किया गया है। अभियान के दौरान प्रदेशभर के शिक्षण संस्थानों में युवाओं को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई जाएगी। साथ ही आमजन को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान में प्रदेश की बेटियों को जागरूकता अभियान का प्रमुख वाहक बनाया गया है।
प्रदेश के विद्यालयी शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने एमकेपी पीजी कॉलेज, देहरादून से इस 100 दिवसीय महाभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि नशा युवाओं की ऊर्जा, क्षमता और भविष्य को प्रभावित करने के साथ-साथ पूरे समाज को भीतर से कमजोर करता है। राज्य सरकार युवाओं को नशे से बचाने के लिए लगातार जागरूकता और जनभागीदारी आधारित अभियान चला रही है।
नशे के खिलाफ बेटियां बनेंगी जागरूकता की वाहक
डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि एमकेपी पीजी कॉलेज से अभियान की शुरुआत करने का विशेष उद्देश्य प्रदेश की बेटियों को नशे के खिलाफ सामाजिक जागरूकता का सशक्त वाहक बनाना है। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति ने हमेशा अपनी क्षमता और सामाजिक नेतृत्व के माध्यम से बड़े बदलाव किए हैं। ऐसे में नशामुक्ति महाभियान में छात्राओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि आगामी 100 दिनों के दौरान प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में नशे के खिलाफ व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से छात्र-छात्राओं को नशामुक्त जीवन जीने का संकल्प दिलाया जाएगा।
परिवार और समाज की भी अहम भूमिका
मंत्री ने शिक्षकों से अपील की कि वे विद्यार्थियों को नशे के मानसिक, शारीरिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करें। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से बचाना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि परिवार, शिक्षण संस्थानों और पूरे समाज का साझा दायित्व है।
उन्होंने विश्वास जताया कि युवा शक्ति, मातृशक्ति, सामाजिक और आध्यात्मिक संगठनों की एकजुट भागीदारी से उत्तराखंड को नशामुक्त बनाने का संकल्प जरूर साकार होगा।
विशेषज्ञों ने भी किया जागरूक
कार्यक्रम में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की बबीता दीदी ने युवाओं को नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रहकर सकारात्मक विचारों और स्वस्थ आदतों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। नीलम दीदी ने ध्यान और आध्यात्मिक जीवनशैली के माध्यम से मन एवं शरीर को मजबूत बनाने का संदेश दिया।
मानसिक चिकित्सक डॉ. रोहित गोंदवाल ने नशे के दुष्प्रभावों पर विस्तार से जानकारी दी और युवाओं को इसके मानसिक एवं सामाजिक नुकसान के प्रति सचेत किया। इस दौरान छात्राओं ने संवाद के माध्यम से कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता भी की।
एमकेपी पीजी कॉलेज की प्राचार्या डॉ. ममता सिंह ने कहा कि जिस प्रकार एक दीपक अंधकार को दूर कर प्रकाश फैलाता है, उसी प्रकार कॉलेज की छात्राएं नशे के अंधकार के खिलाफ जागरूकता का दीप बनकर स्वस्थ और सशक्त समाज के निर्माण में योगदान देंगी।
पोस्टर प्रतियोगिता और मैराथन में छात्राओं ने दिखाया उत्साह
कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के एंटी ड्रग सेल की ओर से ‘नशा एक अभिशाप’ विषय पर डिजिटल और हस्तनिर्मित पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गई। डिजिटल पोस्टर प्रतियोगिता में नैना ने प्रथम, दीक्षा ने द्वितीय और मरियम जैदी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
