June 25, 2026

बिलकिस बानो मामले में गुजरात सरकार का बदइरादा झलकता है, लेकिन केंद्र सरकार भी: कांग्रेस।

दिल्ली, सुप्रीम कोर्ट द्वारा गुजरात दंगों के दौरान बिलकिस बानो के गैंगरेप और और उसके परिवार के लोगों की हत्याओं के आरोपियों की रिहाई रद्द किए जाने पर कांग्रेस ने प्रतिक्रिया व्यक्त कर, केन्द्र सरकार के साथ गुजरात सरकार को आड़े हाथों लिया है। इस मामले में गुजरात सरकार का बदइरादा झलकता है। लेकिन केंद्र सरकार भी अपना मुंह नहीं छिपा सकती, क्योंकि उन्होंने खुद इन 11 दोषियों की रिहाई को मंजूरी व सहमति दी थी।

कांग्रेस के अभिषेक सिंघवी ने प्रेस वार्ता में बताया कि, बिलकिस बानो के मामले में कई वकीलों ने सरकार की तरफ से कोर्ट में आकर बार-बार समय मांगा। जिससे बिलकिस बानो का केस कोर्ट में लंबित पड़ा रहे। इस मामले में आखिर में जज तक को कहना पड़ा कि शायद आप मेरे सेवानिवृत्त होने का इंतजार कर रहे हैं- ये कितनी शर्मनाक बात है।

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री को घेरते हुए कहा, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी सरकार के इस रवैए पर एक शब्द नहीं बोला। बिलकिस बानो जैसा मामला समाज के लिए भयानक है, लेकिन फिर भी इन दोषियों को रिहा कर दिया गया। इस मामले में गुजरात सरकार का बदइरादा झलकता है, लेकिन केंद्र सरकार भी अपना मुंह नहीं छिपा सकती है।

बिलिकिस बानो केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर प्रियंका गांधी ने कहा कि अंततः न्याय की जीत हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात दंगों के दौरान गैंगरेप की शिकार बिलकिस बानो के आरोपियों की रिहाई रद्द कर दी है। इस आदेश से भारतीय जनता पार्टी की महिला विरोधी नीतियों पर पड़ा हुआ पर्दा हट गया है। इस आदेश के बाद जनता का न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास और मजबूत होगा। बहादुरी के साथ अपनी लड़ाई को जारी रखने के लिए बिल्किस बानो को बधाई।

महिला कांग्रेस अध्यक्ष अल्का लांबा ने संदेह जताते हुए कहा , बीजेपी सरकार ने पहले भी सत्ता, संख्या और ताकत के दम पर सुप्रीम कोर्ट के फैसलों को अध्यादेश से संसद में पलटने का काम किया है। ऐसे में क्या ये बलात्कारी वापस जेल जाएंगे या बीजेपी फिर सत्ता और संख्या के बल पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला पलट देगी और हम इन बलात्कारियों को बाहर घूमते हुए देखेंगे।

 

 

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