August 8, 2026

यात्रा में घोड़ा-खच्चर बीमार हुए तो होंगे क्वारंटीन, कोटमा और फाटा में स्थापित किए गए सेंटर

केदारनाथ यात्रा में बीमार होने वाले घोड़ा-खच्चरों को क्वारंटीन किया जाएगा। पशुपालन विभाग ने क्वारंटीन सेंटर के लिए कोटमा और फाटा में जगह चिह्नित की है। यहां, विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की निगरानी में बीमार जानवरों का इलाज किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर अन्य स्थानों पर किराये पर व्यवस्था भी की जाएगी। यात्रा में यह पहला मौका होगा जब बीमार जानवरों को क्वारंटीन किया जाएगा।

जिले के बीरों, बष्टी, जलई, मनसूना और गौंडार गांव में बीते माह कई घोड़ा-खच्चरों हॉर्ष फ्लू (इक्वाइन इन्फ्लूएंजा) से संक्रमित हो गए थे। गौंडार में तीन खच्चरों की मौत भी हो चुकी है। इन परिस्थितियों में केदारनाथ यात्रा के लिए घोड़ा-खच्चरों के पंजीकरण को स्थगित कर दिया था। अब संक्रमण की स्थिति सामान्य होने पर पुन: पंजीकरण शिविर हो गए हैं।

घोड़ा-खच्चरों का पंजीकरण किया जा रहा
शिविरों में पहुंच रहे जानवरों का हॉर्ष फ्लू और ग्लैंडर्स बीमारी की जांच के लिए खून का सैंपल लिया जा रहा है। निगेटिव होने पर ही घोड़ा-खच्चरों का पंजीकरण किया जा रहा है। आगामी 2 मई से शुरू हो रही केदारनाथ यात्रा के दौरान अगर घोड़ा-खच्चर बीमार होते हैं तो उन्हें तत्काल क्वारंटीन किया जाएगा जिससे अन्य जानवर संक्रमण की चपेट में न आएं।

पशुपालन विभाग देहरादून के अपर निदेशक डाॅ. भूपेंद्र जंगपांगी का कहना है कि क्वारंटीन सेंटर के लिए कालीमठ घाटी के कोटमा और केदारघाटी के फाटा में जगह चिह्नित की है। यहां, 30-30 जानवरों को रखने की व्यवस्था की है। दोनों जगह के लिए विभागीय स्तर पर सात सदस्यीय विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम भी तैयार कर दी गई है।

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