March 12, 2026

जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक और 5 लोगों के खिलाफ सीबीआई ने 22 सौ करोड़ के भ्रष्टाचार में की चार्जशीट दाखिल,

Delhi , 24 May 2025,

जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक और 5 अन्य लोगों के खिलाफ सीबीआई ने 2200 करोड़ के भ्रष्टाचार के मामले में चार्जशीट दाखिल की है। वहीं पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक की तबीयत खराब है और उनका राम मनोहर लोहिया अस्पताल में इलाज चल रहा है।

सोशल मीडिया एक्स पर सत्यपाल मलिक की अस्पताल की फोटो पोस्ट की गई है। जिसमें बताया गया है कि मेरे बहुत से शुभचिंतकों के फोन आ रहे हैं, जिन्हें उठाने में, मैं असमर्थ हूं। अभी मेरी हालत बहुत खराब है मैं किसी से भी बात करने की हालत में नहीं हूं। 11 मई से राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती हूं। संक्रमण की शिकायत के चलते अस्पताल में भर्ती किया गया था। अब स्थिति बहुत गंभीर है और पिछले तीन दिनों से किडनी की डायलिसिस की जा रही है।

किरू हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में चल रहा है। प्रोजेक्ट का क्रियान्वयन चेनाब वैली पावर प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के जरिए किया जा रहा है।

तथाकथित 2200 करोड़ का भ्रष्टाचार का यह मामला जम्मू-कश्मीर के किरू जलविद्युत परियोजना से जुड़ा है। परियोजना में सिविल वर्क्स के ठेकों में कथित भ्रष्टाचार का यह मामला है। सीबीआई ने अपनी जांच के उपरांत किरू प्रोजेक्ट के ठेके में गड़बड़ी होने की पुष्टि की है। सीबीआई जांच के मुताबिक, परियोजना के सिविल वर्क्स के लिए टेंडर प्रक्रिया में भारी अनियमितताएं पाई गईं। सीवीपीपीपीएल की बोर्ड बैठक में यह फैसला किया गया था कि टेंडर प्रक्रिया ई-टेंडरिंग और रिवर्स ऑक्शन के जरिए दोबारा कराई जाएगी, लेकिन इसे लागू नहीं किया गया बल्कि ठेका सीधे पटेल इंजीनियरिंग लिमिटेड को दे दिया गया।

सीबीआई ने चिनाब वैली पावर प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के तत्कालीन अध्यक्ष नवीन कुमार चौधरी, अधिकारियों एम एस बाबू, एम के मित्तल और अरुण कुमार मिश्रा और पटेल इंजीनियरिंग लिमिटेड के और पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक पर मामला दर्ज किया है।

जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा 2022 में किरू जलविद्युत परियोजना से जुड़े दो ठेकों में अनियमितताओं की जांच सीबीआई से कराने की मांग की गई थी। ये चिंताएं शुरू में तत्कालीन राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने ही उठाई थी। जिन्होंने 23 अगस्त, 2018 से 30 अक्टूबर, 2019 तक जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल के रूप में काम किया। मलिक ने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया था कि उन्हें दो फाइलों को मंजूरी देने के लिए 300 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश की गई थी।

इसके बाद साल 2024 में, किरू हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट के लिए 2,200 करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार की जांच के तहत सीबीआई ने दिल्ली और जम्मू में 8 स्थानों पर तलाशी ली थी। इस दौरान सत्यपाल मलिक के आवास की भी तलाशी ली गई थी। पूर्व राज्यपाल मलिक ने उस दौरान कहा था कि, जिन लोगों पर उन्होंने भ्रष्टाचार का आरोप लगाया, उनकी जांच करने के बजाय एजेंसी ने उन्हें निशाना बनाया। साथ ही उन्होंने कहा था, उन्हें 4-5 कुर्ते और पायजामे के अलावा कुछ नहीं मिलेगा। तानाशाह सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग करके मुझे डराने की कोशिश कर रही है। मैं एक किसान का बेटा हूं, मैं न डरूंगा और न ही झुकूंगा,

सीबीआई ने चिनाब वैली पावर प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के तत्कालीन अध्यक्ष नवीन कुमार चौधरी, अधिकारियों एम एस बाबू, एम के मित्तल और अरुण कुमार मिश्रा और पटेल इंजीनियरिंग लिमिटेड के साथ मामला दर्ज किया है एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि 47वीं बोर्ड बैठक में लिए गए निर्णय का पालन नहीं किया गया और ठेका अनुचित तरीके से दिया।

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