August 8, 2026

पहली बार महिलाओं और छोटे गन्ना किसानों को प्राथमिकता, गन्ना आपूर्ति एवं सट्टा नीति जारी

महिला किसानों को गन्ना फसल की आपूर्ति में 20 प्रतिशत की प्राथमिकता के साथ पेराई सत्र शुरू किया जाएगा। इसके अलावा छोटे किसानों को भी इसमें प्राथमिकता दी गई है।

गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग ने पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ना आपूर्ति एवं सट्टा नीति जारी कर दी। जिसमें पहली बार महिलाओं और छोटे गन्ना किसानों को गन्ने की फसल की आपूर्ति में प्राथमिकता दी गई है।

गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग के आयुक्त त्रिलोक सिंह मर्तोलिया ने कहा कि महिला किसानों को गन्ना फसल की आपूर्ति में 20 प्रतिशत की प्राथमिकता के साथ पेराई सत्र शुरू किया जाएगा। इसके अलावा छोटे किसानों को भी इसमें प्राथमिकता दी गई है। 99 क्विंटल गन्ना फसल वाले किसानों की गन्ने की पर्चियां एक और दो पखवाड़े, 100 से 144 क्विंटल गन्ना फसल वाले किसानों की गन्ने की पर्चियां एक से तीन पखवाड़ें में जारी की जाएगी।

वहीं, वर्ष 2023-24 में प्राकृतिक आपदा से गन्ने की फसल को हुए नुकसान को देखते हुए दो या तीन पेराई सत्र में की गई गन्ने की आपूर्ति के औसत को देखते हुए जो अधिक होगा उसके अनुसार बेसिक कोटा तय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गन्ना आपूर्ति एवं सट्टा नीति का मुख्य उद्देश्य किसानों को समय पर पर्ची उपलब्ध कराना और गन्ना मूल्य का भुगतान कराया जाना है। ताकि गन्ना उत्पादन और किसानों की आय में वृद्धि हो।

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